शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजारों में शानदार रिकवरी देखने को मिली। सेंसेक्स **965** अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ, वहीं निफ्टी भी **24,330** के स्तर पर पहुंचा। रिलायंस इंडस्ट्रीज, बैंक और आईटी शेयरों में हुई जोरदार खरीदारी ने इस तेजी को बल दिया।
बाजार में आई बड़ी चाल: क्यों हुआ इतना उछाल?
शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजारों में जबरदस्त तेजी देखी गई। BSE का सेंसेक्स 965 अंक चढ़कर 76,734 पर बंद हुआ, जबकि NSE का निफ्टी 24,330 के स्तर पर पहुंचा। इस तेजी के पीछे मुख्य वजह लार्ज-कैप शेयरों में हुई जोरदार खरीदारी रही। रिलायंस इंडस्ट्रीज, बैंकिंग और आईटी (IT) सेक्टर के शेयरों ने बाजार को सहारा दिया, जबकि ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों के बावजूद घरेलू बाजार ने दम दिखाया।
लार्ज-कैप की ओर बढ़ा फोकस
विश्लेषकों का मानना है कि निवेशक अब मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों से निकलकर लार्ज-कैप शेयरों में पैसा लगा रहे हैं। पहले इन स्मॉल और मिड-कैप शेयरों का वैल्यूएशन काफी बढ़ गया था, लेकिन अब निवेशक ज्यादा स्थिर रिटर्न की उम्मीद में बड़ी कंपनियों का रुख कर रहे हैं। इसी बदलाव की वजह से बाजार में यह बड़ी उछाल देखी गई।
टेक महिंद्रा के नतीजे और IT सेक्टर
खास तौर पर, टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) के शेयरों में 3.9% की तेजी आई। कंपनी ने जून तिमाही के नतीजे पेश किए, जिसमें 28.4% की बढ़ोतरी के साथ ₹1,465 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया गया। कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि उनकी सेवाओं की मांग मजबूत बनी हुई है। इसके अलावा, कोटक महिंद्रा बैंक, TCS, एक्सिस बैंक, ICICI बैंक और बजाज फाइनेंस जैसे बड़े फाइनेंशियल और इंडस्ट्रियल शेयरों ने भी इंडेक्स को ऊपर ले जाने में मदद की।
किन सेक्टर्स में आई गिरावट?
हालांकि, यह तेजी पूरे बाजार में एक समान नहीं रही। कमोडिटी, इंडस्ट्रियल, टेलीकॉम और मेटल जैसे सेक्टर्स में बिकवाली देखी गई और ये इंडेक्स नीचे बंद हुए। सन फार्मा, ट्रेंट, भारती एयरटेल और अल्ट्राटेक सीमेंट जैसे कुछ बड़े शेयर भी गिरावट के साथ बंद हुए।
रुपया मजबूत, क्रूड ऑयल में तेजी
इस बीच, भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 14 पैसे मजबूत होकर 96.3 पर बंद हुआ। वहीं, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में 1.79% की बढ़ोतरी हुई और यह $85.5 प्रति बैरल पर पहुंच गया। निवेशकों की नजर अब आने वाले हफ्तों में इस लार्ज-कैप शेयरों की ओर रुझान पर रहेगी और यह देखना होगा कि जून तिमाही के नतीजे बाजार को कितनी और मजबूती दे पाते हैं।
