भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। BSE Sensex 600 अंकों से ज़्यादा चढ़कर 77,800 के पार पहुंचा, वहीं Nifty 50 ने भी 24,200 का अहम स्तर पार किया। Tech Mahindra और Jio Financial Services के शानदार नतीजों ने बाज़ार को सहारा दिया, हालांकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कमजोरी दिखी।
IT सेक्टर में धूम, Tech Mahindra ने भरी उड़ान
आज के कारोबार में IT सेक्टर सबसे आगे रहा, Nifty IT इंडेक्स 1.29% की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा था। इसकी मुख्य वजह Tech Mahindra के तिमाही नतीजों का आना है। कंपनी ने अपनी कमाई (Revenue) में ग्रोथ और मार्जिन में सुधार दर्ज किया है। इस खबर से HCL Technologies, Infosys और Tata Consultancy Services जैसे अन्य बड़े IT शेयरों में भी खरीदारी बढ़ी, जो इशारा करता है कि निवेशक टेक्नोलॉजी स्पेस के नतीजों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
Jio Financial Services का शानदार प्रदर्शन, Reliance पर भी असर
Jio Financial Services के शेयर में लगभग 5% की तेज़ी देखी गई, जिसका कारण कंपनी की मजबूत वित्तीय रिपोर्ट है। जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 156% बढ़कर ₹2,253 करोड़ रहा। वहीं, रेवेन्यू में 227% का जोरदार उछाल आया। कंपनी ने इसका श्रेय बढ़ी हुई ब्याज आय और फी-आधारित कमाई को दिया है। इसी के साथ, Reliance Industries के शेयर भी करीब 2% चढ़े। निवेशक इस बड़े समूह के तिमाही नतीजों का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं, खासकर रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल डिवीजनों के प्रदर्शन पर सबकी नज़रें टिकी हैं।
बाज़ार में दिखी गिरावट, बड़ी कंपनियों में निवेश
जहां एक ओर लार्ज-कैप इंडेक्स मज़बूती दिखा रहे थे, वहीं दूसरी ओर ब्रॉडर मार्केट की तस्वीर थोड़ी अलग थी। Nifty Midcap 100 और Nifty Smallcap 100 इंडेक्स दोनों ही गिरावट में थे। यह दिखाता है कि सारा पैसा सिर्फ बड़ी और स्थापित कंपनियों में ही जा रहा है। छोटी कंपनियों के शेयरों पर दबाव बना हुआ है। इसके अलावा, फार्मा, मेटल और मीडिया जैसे सेक्टरों में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे साफ है कि यह तेज़ी सभी इंडस्ट्रीज़ में एक जैसी नहीं है।
अब निवेशकों का ध्यान HDFC Bank के आने वाले नतीजों पर है, जो इस सप्ताहांत जारी होने की उम्मीद है। आने वाले सत्रों में बाज़ार की दिशा के लिए Nifty का 24,200 के सपोर्ट लेवल को बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा। यह देखना होगा कि क्या यह लार्ज-कैप शेयरों में जारी निवेश, मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में मौजूदा कमजोरी के बावजूद, जारी रह पाता है या नहीं।
