भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। BSE Sensex **707** अंकों की भारी गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि Nifty **23,250** के अहम सपोर्ट लेवल के नीचे फिसल गया।
बाजार पर चौतरफा दबाव
गुरुवार के कारोबार में भारतीय बाजारों का सेंटिमेंट पूरी तरह बिगड़ा हुआ नजर आया। बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों में जोरदार बिकवाली देखी गई, जिसका सीधा असर इंडेक्स पर पड़ा। इस गिरावट के पीछे एक बड़ा कारण IRDAI (Insurance Regulatory and Development Authority of India) का वह प्रस्ताव है, जिसमें इंश्योरेंस कंपनियों के कमीशन पर कैप लगाने की चर्चा है। इस खबर के बाद HDFC Life, Bajaj Finance, और Axis Bank जैसे दिग्गजों के शेयरों में भारी दबाव देखा गया।
ग्लोबल मार्केट की टेंशन
बाजार की कमजोरी की मुख्य वजह ग्लोबल फैक्टर्स भी रहे। अमेरिका में 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.11% के स्तर पर पहुंच गई है, जो 2007 के बाद का उच्चतम स्तर है। जब अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो विदेशी निवेशक उभरते हुए बाजारों से पैसा निकालने लगते हैं, जिसका असर सीधे भारतीय बाजारों के वैल्यूएशन पर पड़ता है।
कच्चे तेल की चिंता
इसके अलावा, जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल $102 प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है। भारत के लिए, जो ऊर्जा का बड़ा आयातक है, तेल की ऊंची कीमतें महंगाई का खतरा बढ़ाती हैं और करंट अकाउंट डेफिसिट पर दबाव डालती हैं।
बाजार की इस सुस्ती के बीच केवल फार्मा सेक्टर ने कुछ हद तक दम दिखाया। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या Nifty अपने सपोर्ट लेवल को बचा पाता है या ग्लोबल संकेतों के दबाव में गिरावट और गहरी होगी।
