रूस के सबसे बड़े लेंडर Sberbank ने भारत में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से 10 नई ब्रांच खोलने की अनुमति मांगी है। बैंक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए CBDC सेटलमेंट पर जोर दे रहा है और दिल्ली में अपना नया हब तैयार कर रहा है।
व्यापार को मिलेगी नई गति
रूस का दिग्गज बैंक Sberbank अब भारतीय बाजार में अपनी जड़ें और गहरी करने की तैयारी में है। बैंक ने भारत में 10 नई ब्रांच खोलने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से औपचारिक अनुरोध किया है। इसका मुख्य उद्देश्य भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार को और अधिक आसान बनाना है।
CBDC और ट्रेड सेटलमेंट
Sberbank का फोकस अब सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) के इस्तेमाल पर है। बैंक का मानना है कि डिजिटल करेंसी के जरिए पेमेंट प्रक्रिया और भी तेज और सुरक्षित हो जाएगी, जिससे साल 2030 तक $100 बिलियन के वार्षिक व्यापार लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। यह पहल ट्रेड इम्बैलेंस (व्यापार असंतुलन) की चुनौतियों को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
नई दिल्ली में बड़ा इन्फ्रास्ट्रक्चर
अपनी विस्तार योजनाओं को मजबूती देने के लिए, Sberbank ने नई दिल्ली के समिट टावर्स (Summit Towers) में दो बिजनेस सेंटर खरीदे हैं। ये सेंटर साल 2028 तक बनकर तैयार हो जाएंगे और भारत-रूस कॉरपोरेट जगत के बीच एक मुख्य हब की तरह काम करेंगे। इसके अलावा, बैंक ने अपने ग्राहकों को Nifty 50 शेयरों में निवेश करने का विकल्प भी देना शुरू कर दिया है, जो भारतीय बाजार के साथ उनके बढ़ते तालमेल को दिखाता है।
लिक्विडिटी और भविष्य की राह
रुसी संस्थाओं के पास जमा रुपये के सरप्लस को मैनेज करने के लिए बैंक ने इन फंड्स को भारतीय सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities) में निवेश किया है। फिलहाल, बैंक की योजना अपनी मौजूदा स्ट्रक्चर के तहत ही काम करने की है और वह सब्सिडियरी मॉडल की तरफ शिफ्ट नहीं होगा। हालांकि, वैश्विक प्रतिबंधों और रेगुलेटरी निगरानी के चलते बैंक की राह पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी, वहीं RBI की मंजूरी इस विस्तार की गति तय करेगी।
