रूस के सबसे बड़े लेंडर Sberbank ने नई दिल्ली के भारत बिजनेस पार्क में दो निर्माणाधीन टावर्स खरीदे हैं। इसका मकसद **2028** तक एक नया ट्रेड और सपोर्ट सेंटर तैयार करना है, ताकि भारत और रूस के बीच **$100 बिलियन** के एनुअल ट्रेड टारगेट को हासिल किया जा सके।
ट्रेड हब का लक्ष्य
रूस की दिग्गज फाइनेंशियल संस्था Sberbank ने नई दिल्ली के भारत बिजनेस पार्क में 'समिट टावर्स' का अधिग्रहण किया है। इस प्रोजेक्ट को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह केंद्र रूसी कंपनियों को भारतीय बाजार में पैर जमाने के लिए लीगल, टैक्स और ऑडिट जैसी जरूरी सेवाएं मुहैया कराएगा।
क्या निवेशकों को फायदा होगा?
मार्केट पार्टिसिपेंट्स के लिए यह जानना जरूरी है कि Sberbank भारत के नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) या बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड नहीं है। इसलिए, इस खबर का भारतीय शेयर बाजार पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा और न ही इसमें निवेश का कोई मौका है।
भारत-रूस व्यापार की नई राह
इस कदम का असली उद्देश्य भारत और रूस के बीच 2030 तक $100 बिलियन के एनुअल ट्रेड लक्ष्य को पूरा करना है। Sberbank भारत में पिछले 15 वर्षों से मौजूद है और दिल्ली-मुंबई के अलावा बेंगलुरु में इसका एक आईटी हब भी है। अब इस नई इन्फ्रास्ट्रक्चर के जरिए बैंक पेमेंट मैकेनिज्म और क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजैक्शन को और सुगम बनाने की कोशिश में है।
