Sanlam Investments के CEO Carl Roothman ने अपने निजी निवेश का एक-चौथाई हिस्सा भारत में लगाकर देश की आर्थिक ग्रोथ पर भरोसा जताया है। हालांकि, दक्षिण अफ्रीका की यह दिग्गज कंपनी भारत में लिस्टेड नहीं है, इसलिए निवेशक सीधे इसके शेयर नहीं खरीद सकते।
20 साल की लंबी रणनीति
Sanlam Investments के CEO Carl Roothman का भारतीय बाजार पर भरोसा उनकी हालिया निवेश रणनीति से साफ झलकता है। उन्होंने खुलासा किया है कि उनके परिवार के कुल इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो का 25% हिस्सा अब भारतीय एसेट्स में है। यह निवेश केवल एक शॉर्ट-टर्म बेट नहीं, बल्कि 20 साल की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है, जो देश की आर्थिक स्थिरता और ग्रोथ को लेकर उनके गहरे विश्वास को दर्शाता है।
भारत में बड़ा विस्तार (Expansion Plan)
यह पर्सनल इन्वेस्टमेंट कंपनी की कॉर्पोरेट विस्तार योजनाओं के साथ तालमेल बिठाता है। Shriram Group के साथ अपनी पार्टनरशिप के जरिए, Sanlam अब अपने वेल्थ और एसेट मैनेजमेंट ऑपरेशन्स को तेजी से बढ़ा रही है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक अपनी टीम को बढ़ाकर 500 प्रोफेशनल्स तक ले जाना है, जो 50 अलग-अलग लोकेशन्स से काम करेंगे।
निवेशकों के लिए अहम बात
भारतीय निवेशकों के लिए यह विदेशी संस्थागत विश्वास का एक बड़ा संकेत है। CEO ने भारत में पॉलिसी स्टेबिलिटी और निरंतर ग्रोथ को अपनी 'Overweight' पोजीशन के पीछे का मुख्य कारण बताया है। कंपनी अब पारंपरिक स्टॉक्स से आगे बढ़कर प्राइवेट क्रेडिट और प्राइवेट इक्विटी जैसे ऑप्शन्स में भी कदम रखने की तैयारी में है।
जरूरी जानकारी: रिटेल निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि Sanlam Limited, जो कि पैरेंट कंपनी है, भारतीय शेयर बाजार (NSE या BSE) पर लिस्टेड नहीं है। यह मुख्य रूप से जोहान्सबर्ग स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड है। अतः, यह खबर केवल मार्केट सेंटीमेंट को समझने के लिए है, न कि सीधे निवेश के अवसर के रूप में।
