S&P Global Ratings ने Bank of India को 'BBB' लॉन्ग-टर्म क्रेडिट रेटिंग दी है। बैंक की मजबूत लिक्विडिटी और सरकारी सपोर्ट के भरोसे यह रेटिंग स्टेबल आउटलुक के साथ मिली है, हालांकि मुनाफा और एसेट क्वालिटी अभी भी चिंता का विषय है।
S&P Global Ratings ने Bank of India को 'BBB' लॉन्ग-टर्म और 'A-2' शॉर्ट-टर्म रेटिंग दी है। बैंक ने 8 सितंबर, 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को इस बारे में जानकारी दी। यह रेटिंग बैंक की मजबूत फंडिंग और कैपिटल एडिक्वेसी को मान्यता देती है।
सरकारी भरोसे से मजबूती
यह रेटिंग इस भरोसे पर आधारित है कि संकट के समय भारत सरकार बैंक को पूरा सपोर्ट देगी। सॉवरेन बैकिंग की यह उम्मीद बैंक को एक एक्स्ट्रा सुरक्षा कवच देती है, जो इसकी स्टैंडअलोन फाइनेंशियल स्ट्रेंथ से एक पायदान ऊपर है। इससे निवेशकों के बीच बैंक के सिस्टमैटिक महत्व का भरोसा बढ़ा है।
प्रॉफिटेबिलिटी की चुनौती
भले ही यह इन्वेस्टमेंट ग्रेड रेटिंग है, लेकिन S&P ने साफ किया है कि बैंक का मुनाफा और एसेट क्वालिटी अभी भी इंडस्ट्री के साथियों के मुकाबले पीछे है। बैंक के लिए अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी को सुधारना और एसेट क्वालिटी को बेहतर करना सबसे बड़ी चुनौती है।
मार्केट और निवेशकों के लिए नजरिया
8 सितंबर, 2026 तक Bank of India के शेयर लगभग ₹142.00 पर ट्रेड कर रहे थे। निवेशकों के लिए आगे के क्वार्टर के नतीजे काफी अहम होंगे, जहां नेट इंटरेस्ट मार्जिन और ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) के आंकड़ों पर सबकी नजर टिकी रहेगी।
