Sammaan Capital के लिए सितंबर तिमाही बेहद शानदार रही है। कंपनी का डिस्बर्समेंट (Disbursements) **54.8%** उछलकर **₹6,000 करोड़** पहुंच गया है। रिटेल फ्रेंचाइजी को मजबूत करने की इस कोशिश पर निवेशकों की नजरें टिकी हैं।
कारोबार में बड़ी उछाल
30 सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही में Sammaan Capital (जिसे पहले Indiabulls Housing Finance के नाम से जाना जाता था) ने अपनी रफ्तार बढ़ाई है। कंपनी का डिस्बर्समेंट ₹6,000 करोड़ दर्ज किया गया है, जो पिछली तिमाही के ₹3,875 करोड़ से 54.8% अधिक है। साथ ही, कंपनी का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) भी ₹56,239 करोड़ से बढ़कर लगभग ₹59,000 करोड़ हो गया है। कंपनी ने अपने नेटवर्क का विस्तार करते हुए 245 ब्रांच तक पहुंच बनाई है और 30,700 से ज्यादा नए कस्टमर अकाउंट्स जोड़े हैं।
रिटेल मॉडल की ओर बदलाव
कंपनी अपने पुराने होलसेल-हेवी लेंडिंग मॉडल से निकलकर रिटेल-फोकस्ड बिजनेस की ओर बढ़ रही है। इस टर्नअराउंड प्लान के लिए International Holding Company (IHC) ने ₹8,850 करोड़ का कैपिटल इन्फ्यूजन किया है, जिसके पास अब 43.5% हिस्सेदारी है। इस मजबूत सपोर्ट के बाद CRISIL, CARE और ICRA जैसी रेटिंग एजेंसियों ने कंपनी की रेटिंग अपग्रेड की है, जिससे कंपनी को सस्ता कर्ज लेने में मदद मिल रही है।
रिस्क और चुनौतियां
Ventura Securities समेत कई ब्रोकरेज हाउस ने इस स्टॉक पर बुलिश रुख दिखाया है। हालांकि, MSME सेक्टर में कदम रखने के साथ ही कंपनी को अंडरराइटिंग अनुशासन पर सख्ती बनाए रखनी होगी ताकि बैड लोन्स यानी नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) में इजाफा न हो।
निवेशकों के लिए क्या है आगे?
शेयर का भाव अपडेट के बाद इंट्राडे में ₹138.75 के स्तर तक पहुंचा था, जो निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है। अब कंपनी के लिए चुनौती यह है कि वह डिस्बर्समेंट की इस रफ्तार को बनाए रखते हुए अपने नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) और लोन बुक की क्वालिटी को कैसे मैनेज करती है।
