📉 नतीजों का पूरा विश्लेषण (Financial Deep Dive)
Sammaan Capital Limited (पहले Indiabulls Housing Finance Limited) ने Q3FY26 और 9MFY26 के नतीजों में एक प्रभावशाली वित्तीय टर्नअराउंड दिखाया है। कंपनी ने Q3FY26 के लिए ₹314.08 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹302.44 करोड़ की तुलना में 4.0% की सालाना बढ़त है।
इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त नौ महीनों (9MFY26) में कंपनी घाटे से उबरकर ₹956.86 करोड़ का PAT कमाने में सफल रही, जो पिछले साल की इसी अवधि में दर्ज ₹2,132 करोड़ के भारी नुकसान के मुकाबले एक बड़ा बदलाव है।
Q3FY26 के लिए कुल रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस ₹2,157.54 करोड़ रहा, जो Q3FY25 के ₹2,016.52 करोड़ की तुलना में 7.0% अधिक है। कंपनी की नेट वर्थ Q3FY26 तक 10.4% बढ़कर ₹22,423 करोड़ हो गई है।
📈 ग्रोथ के मजबूत आधार
ग्रोथ बिजनेस सेगमेंट में मजबूत तेजी दिख रही है, जिसमें एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 26.0% की शानदार सालाना बढ़त के साथ यह ₹44,038 करोड़ पर पहुंच गया है। कुल AUM 3.6% बढ़कर ₹64,200 करोड़ हो गया है।
नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में थोड़ी सुधार हुआ है, जो Q3FY25 के 5.2% से बढ़कर Q3FY26 में 5.3% हो गया है।
एसेट क्वालिटी स्थिर और मजबूत बनी हुई है। Q3FY26 में ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) 1.2% और नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NNPA) 0.7% दर्ज किए गए।
कंपनी अपने लीगेसी लोन बुक को चलाना जारी रखे हुए है, जिसमें 25.3% की सालाना कमी के साथ यह ₹20,162 करोड़ तक पहुंच गई है।
लिक्विडिटी एक मजबूत पक्ष है, जिसमें 31 दिसंबर, 2025 तक लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (LCR) 211% रहा, जो रेगुलेटरी न्यूनतम 100% से काफी ऊपर है।
🚩 जोखिम और आगे की राह (Risks & Outlook)
प्रमुख रणनीतिक पहलें आगे बढ़ रही हैं। Sammaan Finserve Limited (SFL) के एनबीएफसी (NBFC) बिजनेस का Sammaan Capital Limited (SCL) में विलय प्रगति पर है, जिसका लक्ष्य एक व्यापक एनबीएफसी बनाना और व्यापक वित्तीय सेवाओं की खोज करना है।
कंपनी ने शेयरधारकों और सीसीआई (CCI) से प्रेफरेंशियल इश्यू के लिए मंजूरी हासिल कर ली है; हालांकि, आरबीआई (RBI) और सेबी (SEBI) से अंतिम मंजूरी अभी लंबित है। यह रेगुलेटरी क्लीयरेंस प्रस्तावित पूंजी निवेश के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Sammaan Capital ने अपने एंड-टू-एंड ऑनलाइन लोन फुलफिलमेंट के लिए टेक्नोलॉजी-संचालित ई-मॉर्गेज प्लेटफॉर्म और स्केलेबिलिटी बढ़ाने के लिए नए को-लेंडिंग रेगुलेशंस के अनुकूलन पर प्रकाश डाला है।
भारतीय रिटेल क्रेडिट मार्केट और एनबीएफसी क्षेत्र के लिए आउटलुक आम तौर पर सकारात्मक है, जिसमें आर्थिक विस्तार और सहायक सरकारी नीतियों से ग्रोथ को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। निवेशक विलय के सफल समापन और पूंजी जुटाने के प्रयास के साथ-साथ मुख्य व्यावसायिक क्षेत्रों में निरंतर वृद्धि पर नजर रखेंगे।
