टर्नाऊंड की राह पर Sammaan Capital: चुनौतियाँ और मौके
Sammaan Capital खुद को फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रही है। कंपनी ने अपनी कैपिटल पोजीशन (capital position) को सुधारा है और नए प्रमोटर (promoter) का समर्थन मिला है, लेकिन निवेशकों को जोखिमों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह अभी भी एक क्लीन ग्रोथ स्टोरी नहीं है। यह अभी भी एक टर्नाऊंड (turnaround) कंपनी है जिसमें पुरानी समस्याएं, लीगल ओवरहैंग (legal overhang), और एग्जीक्यूशन रिस्क (execution risk) मौजूद हैं।
सबसे बड़ी चिंता यह है कि कंपनी पहले के मुकाबले काफी छोटी हो गई है। FY18 में करीब ₹1.22 लाख करोड़ से घटकर FY25 में इसका एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) लगभग ₹62,346 करोड़ रह गया है। इसका मतलब है कि बिजनेस अपने चरम से लगभग आधा हो गया है। बोरिंग्स (borrowings) में भी तेज गिरावट आई है। कम डेट (debt) कंपनी को सुरक्षित बनाता है, लेकिन यह यह भी दर्शाता है कि पुराने हाई-ग्रोथ बिजनेस मॉडल (high-growth business model) कमजोर पड़ गया है।
FY25 एक कठिन साल रहा। कंपनी ने ₹1,807 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस (consolidated net loss) दर्ज किया। इसका मुख्य कारण हाई इम्पेयरमेंट और प्रोविजनिंग कॉस्ट (impairment and provisioning costs) थे। सीधे शब्दों में कहें तो, कंपनी को पुराने कर्जों और लेगेसी इश्यूज (legacy issues) के लिए बड़ा झटका झेलना पड़ा। स्टैंडअलोन बिजनेस (standalone business) तो मुनाफे में था, लेकिन ग्रुप लेवल पर क्लीन-अप (clean-up) की लागत इतनी बड़ी थी कि कंपनी घाटे में चली गई।
एक और बड़ा मुद्दा लेगेसी लोन बुक है। दिसंबर 2025 तक, लेगेसी लोन लगभग ₹20,162 करोड़ थे, जो कुल AUM का लगभग 31% था। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि पुराने कर्जे रिकवरी कमजोर होने या वैल्यूएशन बदलने पर नए प्रोविजनिंग प्रेशर (provisioning pressure) पैदा कर सकते हैं। रेटिंग एजेंसियां (Rating agencies) भी बताती हैं कि यह लेगेसी बुक एक महत्वपूर्ण मॉनिटरेबल एरिया (key monitorable area) बनी हुई है।
कंपनी की हेडलाइन एसेट क्वालिटी (asset quality) में सुधार हुआ है, लेकिन निवेशकों को इसे ध्यान से पढ़ना चाहिए। ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) कम हुआ है, लेकिन सुधार का एक हिस्सा राइट-ऑफ (write-offs), रिकवरी, रीफाइनेंसिंग, पोर्टफोलियो रन-डाउन (portfolio run-down), और फेयर-वैल्यू एडजस्टमेंट (fair-value adjustments) के कारण है। इसलिए नंबर बेहतर दिख रहे हैं, लेकिन क्लीन-अप प्रोसेस अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है।
नए प्रमोटर, IHC-backed Avenir, Sammaan Capital को मजबूत फाइनेंशियल सपोर्ट (financial support) देते हैं। यह एक सकारात्मक बात है। लेकिन इसका मतलब यह भी है कि मार्केट अब सफल ट्रांसफॉर्मेशन (successful transformation) की उम्मीद कर रहा है। कंपनी मॉर्गेज (mortgages) से आगे बढ़कर MSME लोन, बिजनेस लोन, पर्सनल लोन, और गोल्ड लोन में विस्तार करना चाहती है। इससे ग्रोथ मिल सकती है, लेकिन इसमें एग्जीक्यूशन रिस्क भी जुड़ा है। कंपनी को अभी यह साबित करना बाकी है कि यह नया मॉडल कहीं नए एसेट-क्वालिटी की समस्याएं पैदा किए बिना मुनाफे के साथ आगे बढ़ सकता है।
लीगल और हेडलाइन रिस्क भी मौजूद है। कंपनी कोर्ट से जुड़े ख़बरों और पिछली प्रमोटर-संबंधित मुद्दों से जुड़ी रही है। यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है: सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी के खिलाफ किसी गलत काम का अंतिम फैसला नहीं सुनाया है, और कंपनी ने कहा है कि उसके खिलाफ कोई एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की गई है। फिर भी, ऐसी हेडलाइंस निवेशकों के भरोसे को प्रभावित कर सकती हैं और स्टॉक को तेजी से हिला सकती हैं।
स्टॉक इतना सस्ता भी नहीं है कि इन जोखिमों को अंधाधुंध नजरअंदाज कर दिया जाए। लगभग ₹149 पर, स्टॉक अपने निचले स्तरों से उबर गया है, लेकिन यह अभी भी हाल के हाई (high) से नीचे है। मार्केट Sammaan Capital को एक टर्नाऊंड बेट (turnaround bet) के तौर पर देख रहा है, न कि एक पूरी तरह से स्थिर फाइनेंसियल कंपनी के रूप में।
> जरूरी स्पष्टीकरण: एक बात का दावा नहीं किया जाना चाहिए - कंपनी ने नवीनतम NCD ब्याज भुगतान में देरी नहीं की। हालिया फाइलिंग से पता चला कि ब्याज भुगतान 9 मई, 2026 को देय था और 8 मई, 2026 को, यानी नियत तारीख से एक दिन पहले भुगतान किया गया था। इसलिए कोई भी लेख जो कहता है कि इसका भुगतान "15 दिन देर से" किया गया था, वह तथ्यात्मक रूप से गलत होगा।
निष्कर्ष:
Sammaan Capital में सुधार हो रहा है, लेकिन रिस्क अभी टला नहीं है। कंपनी के पास एक मजबूत प्रमोटर, बेहतर कैपिटल, और सुधरते क्वार्टरली प्रॉफिट हैं, लेकिन अभी भी एक बड़ा लेगेसी बुक है, FY25 में बड़ा लॉस हुआ है, और उसने अपने नए बिजनेस मॉडल को पूरी तरह से साबित नहीं किया है।
निवेशकों के लिए, Sammaan Capital एक सीधी और सुरक्षित NBFC कहानी नहीं है। यह एक हाई-रिस्क टर्नाऊंड स्टॉक है। इसमें संभावित अपसाइड इस बात पर निर्भर करता है कि कंपनी पुराने कर्जों को साफ कर पाती है, नए लेंडिंग को सुरक्षित रूप से बढ़ा पाती है, और कहीं नई लीगल या एसेट-क्वालिटी की चौंकाने वाली घटनाओं से बच पाती है। तब तक, निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए।
