Sagarmala Finance: 2031 तक लोन बुक का लक्ष्य **₹60,205 करोड़**, समुद्री क्षेत्र में आएगी बड़ी हलचल

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AuthorAditya Rao|Published at:
Sagarmala Finance: 2031 तक लोन बुक का लक्ष्य **₹60,205 करोड़**, समुद्री क्षेत्र में आएगी बड़ी हलचल

Sagarmala Finance Corporation (SMFCL) ने साल 2031 तक अपनी मैरीटाइम लोन बुक को **₹60,205 करोड़** तक पहुंचाने का बड़ा लक्ष्य रखा है। कंपनी पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और शिपबिल्डिंग के लिए नया फंड लाने की तैयारी में है।

बड़े लक्ष्य की ओर कदम

सरकारी संस्था Sagarmala Finance Corporation Limited (SMFCL) ने लंबी अवधि की रणनीति तैयार की है। सितंबर 2026 तक कंपनी ने कुल ₹5,107 करोड़ का डिस्बर्समेंट किया है। अब कंपनी का फोकस ऐसे प्रोजेक्ट्स को फंड करना है, जिनमें निवेश की लागत ज्यादा और समय अधिक लगता है।

नया फंड और मैनेजमेंट

ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए कंपनी Maritime Investment Fund (MIF) शुरू कर रही है। इसे SEBI के साथ 'अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड' के तौर पर रजिस्टर किया जाएगा। सरकार इस फंड में ₹9,800 करोड़ तक का योगदान देगी। इसकी जिम्मेदारी SBI Ventures Limited को सौंपी गई है, जो फंड मैनेजर की भूमिका निभाएगी।

शिपयार्ड्स को मिलेगी बड़ी राहत

SMFCL Interest Incentivisation Fund (IIF) को भी मैनेज कर रही है, जिससे डोमेस्टिक शिपयार्ड्स के लिए पूंजी की लागत कम हो सके। अब तक इस प्लेटफॉर्म के जरिए ₹4,500 करोड़ के लोन सपोर्ट किए गए हैं और ₹25 करोड़ की ब्याज सब्सिडी दी जा चुकी है। इससे भारतीय जहाजों को ग्लोबल मार्केट में बेहतर कीमत पर प्रतिस्पर्धी बनने में मदद मिलेगी। साथ ही, एक 'क्रेडिट रिस्क बफर' बनाया गया है ताकि बैंकों का डर कम हो और वे मैरीटाइम फाइनेंसिंग में ज्यादा दिलचस्पी दिखाएं।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

यह कदम भारतीय समुद्री क्षेत्र की बदलती तस्वीर को दिखाता है। यदि क्रेडिट की उपलब्धता आसान होती है, तो शिपबिल्डिंग और लॉजिस्टिक कंपनियों के मुनाफे और प्रोजेक्ट की वायबिलिटी में सुधार हो सकता है। हालांकि, निवेशकों को 2027 की शुरुआत में फंड के डिप्लॉयमेंट और रेगुलेटरी नियमों के पालन पर नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.