SRG Housing Finance को लेकर चल रही अफवाहें बेबुनियाद हैं। कंपनी के खिलाफ किसी भी तरह की धोखाधड़ी की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। कंपनी अब अपने बिजनेस मॉडल को HFC से बदलकर NBFC-ICC करने की योजना पर काम कर रही है।
बाजार की अफवाहों का खंडन
SRG Housing Finance को लेकर हाल ही में चल रही रेगुलेटरी एक्शन की खबरें पूरी तरह से गलत और आधारहीन हैं। 9 सितंबर 2026 तक, नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB) की ओर से कंपनी को 'Red Flagged Account' घोषित करने या लोन बुक में किसी भी तरह की गड़बड़ी का कोई आधिकारिक प्रमाण या एक्सचेंज फाइलिंग मौजूद नहीं है।
NBFC-ICC की ओर कदम
कंपनी ने अगस्त 2026 में अपने बोर्ड से हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (HFC) से बदलकर एक Non-Banking Financial Company - Investment and Credit Company (NBFC-ICC) बनने की मंजूरी ले ली है। यह कदम कंपनी की लंबी अवधि की रणनीति का हिस्सा है ताकि वे अपने लोन पोर्टफोलियो में विविधता ला सकें और हाउसिंग फाइनेंस से आगे बढ़कर अपने प्रोडक्ट का दायरा बढ़ा सकें।
फाइनेंशियल हेल्थ और आंकड़े
कंपनी का परफॉर्मेंस स्थिर बना हुआ है। जून 2026 तिमाही में कंपनी ने ₹8.47 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है। वहीं, कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹1,042 करोड़ से ₹1,076 करोड़ के बीच बना हुआ है।
निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में हाल ही में Star Housing Finance जैसे कुछ नामों पर रेगुलेटरी कार्यवाही हुई है, लेकिन SRG Housing Finance का इससे कोई लेना-देना नहीं है। कंपनी की आगे की राह अब NBFC-ICC बनने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से मिलने वाली अंतिम मंजूरी पर टिकी है।
