SP Group का बड़ा कदम: ₹14,300 करोड़ का कर्ज चुकाने के लिए $650 मिलियन जुटाए, 14.5% की ब्याज़ दर

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AuthorAditya Rao|Published at:
SP Group का बड़ा कदम: ₹14,300 करोड़ का कर्ज चुकाने के लिए $650 मिलियन जुटाए, 14.5% की ब्याज़ दर

bergabung Sh Shapoorji Pallonji Group ने अपने कर्ज के बोझ को कम करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। ग्रुप ने **14.5%** की ब्याज़ दर पर **$650 मिलियन** (लगभग ₹5,400 करोड़) का नया बॉन्ड जारी किया है। इस फंड का इस्तेमाल **₹14,300 करोड़** के मैच्योर हो रहे जीरो-कूपन डिबेंचर को रीफाइनेंस करने के लिए किया जाएगा।

SP Group की रीफाइनेंसिंग रणनीति

भारत के बड़े बिजनेस ग्रुप Shapoorji Pallonji Group ने अपनी कंपनी Mercury Finance Company के ज़रिए $650 मिलियन का नया बॉन्ड जारी किया है। यह तीन साल का बॉन्ड 14.5% की ऊंची ब्याज़ दर पर आया है, जो मौजूदा वित्तीय माहौल में ग्रुप के लिए उधारी की लागत को दर्शाता है।

₹14,300 करोड़ के डिबेंचर को रीफाइनेंस

इस फंड जुटाने का मुख्य मकसद ग्रुप की तत्काल देनदारियों को पूरा करना है। इस पैसे का इस्तेमाल ग्रुप की होल्डिंग कंपनी Goswami Infratech द्वारा जारी किए गए ₹14,300 करोड़ के जीरो-कूपन डिबेंचर को रीफाइनेंस करने में होगा। इन डिबेंचर की मैच्योरिटी डेट जुलाई में थी और इन्हें कई बार आगे बढ़ाया गया था। इस इंटरनेशनल फंडिंग के ज़रिए ग्रुप अपनी देनदारियों को निपटाना चाहता है और नज़दीकी भविष्य में अपनी बैलेंस शीट पर पड़ने वाले दबाव को कम करना चाहता है।

निवेशकों की भागीदारी और बाज़ार का माहौल

इस बॉन्ड इश्यू में एसेट मैनेजर और हेज फंड्स समेत कई ग्लोबल निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई। Deutsche Bank इस पूरे ट्रांज़ैक्शन के लिए सोल अरेंजर (Sole Arranger) था। ग्रुप ने ग्लोबल मार्केट से फंड जुटाने में कामयाबी हासिल की है, लेकिन 14.5% की ब्याज़ दर उसके मौजूदा क्रेडिट प्रोफाइल से जुड़ी लागत को साफ दिखाती है। ग्रुप के लिए कैपिटल तक पहुंच बनाए रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह अपनी लेवरेज पोजीशन को संभालने और विभिन्न कर्ज चुकाने के पड़ावों को पूरा करने की कोशिश कर रहा है।

निवेशकों को क्या देखना चाहिए?

ग्रुप के वित्तीय स्वास्थ्य पर नज़र रखने वाले निवेशकों का ध्यान उसकी समग्र कर्ज प्रबंधन रणनीति पर रहेगा। इसमें रीफाइनेंसिंग पैकेज के रुपए-आधारित हिस्से की सफल क्लोजिंग और ग्रुप के डेट-टू-इक्विटी रेश्यो पर भविष्य के अपडेट शामिल हैं। इसके अलावा, ग्रुप के मुख्य कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर बिज़नेस में कैपिटल की ज़रूरत को संतुलित करते हुए, अपने आगामी इंटरेस्ट पेमेंट दायित्वों को पूरा करने की उसकी क्षमता, लंबी अवधि की वित्तीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण होगी।

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