Shapoorji Pallonji Group की कंपनी Eqyizen Investment ने **₹4,450 करोड़** जुटाए हैं। कंपनी ने **18.95%** यील्ड पर जीरो-कूपन बॉन्ड्स जारी किए हैं, जिसका इस्तेमाल दूसरी ग्रुप कंपनी Porteast Investment का कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा।
भारी ब्याज दर पर फंड जुटाया
Shapoorji Pallonji Group की सब्सिडियरी Eqyizen Investment ने प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए ₹4,450 करोड़ के जीरो-कूपन बॉन्ड्स जारी किए हैं। इन बॉन्ड्स पर सालाना यील्ड 18.95% है और इनकी मैच्योरिटी जुलाई 2029 में होगी। इस कदम से साफ है कि ग्रुप अपने ऊपर चढ़े भारी कर्ज के बोझ को कम करने के लिए किस तरह के कड़े वित्तीय फैसले ले रहा है।
कर्ज चुकाने का प्लान
इस फंड का मुख्य उद्देश्य ग्रुप की एक और कंपनी, Porteast Investment की ₹3,500 करोड़ (₹35 billion) की अनिवार्य प्री-पेमेंट देनदारी को पूरा करना है। ग्रुप पुरानी देनदारियों को निपटाने के लिए लगातार नई पूंजी जुटा रहा है। इससे पहले भी ग्रुप ने Mercury Finance जैसी इकाइयों के जरिए इसी तरह का स्ट्रक्चर अपनाया था।
Tata Sons की हिस्सेदारी बनी ढाल
इस डील में सबसे बड़ी बात यह है कि ये बॉन्ड्स Cyrus Investments के जरिए Tata Sons में मौजूद ग्रुप की 9.185% हिस्सेदारी के बदले सुरक्षित (collateral) हैं। यह दिखाता है कि ग्रुप अपनी क्रेडिट जरूरतों को पूरा करने के लिए Tata Sons में अपनी अनलिस्टेड हिस्सेदारी पर कितना निर्भर है।
क्या है रिस्क और चुनौतियां?
मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक, SP Group पर कुल कर्ज ₹55,000 करोड़ से ज्यादा है। 19% के करीब ब्याज दर चुकाना इस बात का संकेत है कि ग्रुप के लिए पूंजी की लागत कितनी ज्यादा बढ़ गई है। हालांकि इससे कंपनी को तुरंत लिक्विडिटी मिल गई है, लेकिन यह रिफाइनेंसिंग का चक्र चिंता का विषय बना हुआ है। कंपनी ने पहले ही अपने रियल एस्टेट IPO की योजना को टाल दिया है ताकि पूरा ध्यान कर्ज कम करने पर लगाया जा सके। निवेशकों के लिए अब यह देखना जरूरी होगा कि ग्रुप किस तरह अपने बढ़ते कर्ज के चक्र को मैनेज करता है और Tata Sons की हिस्सेदारी का भविष्य में क्या रुख रहता है।
