SMC Global Share Price: दमदार Q3 नतीजों से शेयर में आई तेजी, रेवेन्यू 12.4% बढ़ा

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
SMC Global Share Price: दमदार Q3 नतीजों से शेयर में आई तेजी, रेवेन्यू 12.4% बढ़ा
Overview

SMC Global Securities ने Q3 FY'26 में दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर (QoQ) **12.4%** बढ़कर **₹494.8 करोड़** हो गया। इस दौरान EBITDA **₹102.1 करोड़** रहा और नेट प्रॉफिट (PAT) में **46.8%** की जोरदार QoQ बढ़त देखी गई, जो **₹30.8 करोड़** पर पहुंच गया। ब्रोकिंग (Broking) और इंश्योरेंस ब्रोकिंग (Insurance Broking) जैसे फी-बेस्ड सेगमेंट्स में बढ़िया ग्रोथ दिखी, लेकिन NBFC फाइनेंसिंग सेगमेंट में रेवेन्यू और AUM (Assets Under Management) में गिरावट आई।

नतीजों पर एक नज़र (The Numbers)

SMC Global Securities ने Q3 FY'26 के लिए मजबूत नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹494.8 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही की तुलना में 12.4% ज्यादा है। EBITDA ₹102.1 करोड़ दर्ज किया गया, जिसमें 20.6% का EBITDA मार्जिन शामिल है (जो QoQ 140 bps बढ़ा है)। नेट प्रॉफिट (PAT) में 46.8% की धमाकेदार QoQ बढ़त दर्ज हुई और यह ₹30.8 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, 9 महीने की अवधि (9M FY'26) के लिए, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹1,360.0 करोड़, EBITDA ₹286.7 करोड़ और PAT ₹81.8 करोड़ रहा।

सेगमेंट्स का प्रदर्शन (Segment Performance)

Q3 FY'26 में, फी-बेस्ड बिजनेस ने कमाल दिखाया। ब्रोकिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और ट्रेडिंग सेगमेंट का रेवेन्यू ₹286.6 करोड़ रहा, जो पिछले साल (YoY) की तुलना में 17.3% बढ़ा है। इंश्योरेंस ब्रोकिंग सेगमेंट ने ₹181.1 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो 22.2% YoY बढ़ा है। इस सेगमेंट का EBIT भी 52.4% YoY बढ़ा। इसके विपरीत, NBFC फाइनेंसिंग सेगमेंट का रेवेन्यू ₹48.4 करोड़ रहा (जो Q3 FY'25 के ₹71.2 करोड़ से कम है) और इसके AUM (Assets Under Management) भी घटकर ₹1,107 करोड़ रह गए।

क्वालिटी और एफिशिएंसी (The Quality)

EBITDA मार्जिन में 140 bps का सुधार और PAT में 46.8% की QoQ बढ़त कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में बढ़ोतरी को दर्शाती है। ब्रोकिंग (+17.3% YoY) और इंश्योरेंस ब्रोकिंग (+22.2% रेवेन्यू, +52.4% EBIT YoY) में मजबूत ग्रोथ फी-बेस्ड रणनीति की कामयाबी बताती है। हालांकि, NBFC सेगमेंट में रेवेन्यू और AUM का गिरना, मैनेजमेंट के स्ट्रेटेजिक कारणों के बावजूद, चिंता का विषय है।

मैनेजमेंट की बात (The Grill)

मैनेजमेंट के अनुसार, रिटेल और इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की लगातार भागीदारी के चलते कैपिटल मार्केट्स (Capital Markets) का माहौल सकारात्मक बना हुआ है। इंश्योरेंस ब्रोकिंग सेक्टर में लगातार मोमेंटम और ऑपरेटिंग एफिशिएंसी में सुधार दिख रहा है। NBFC सेगमेंट की चुनौतियों का मुख्य कारण पोर्टफोलियो को स्ट्रैटेजिकली बदलने का फैसला बताया गया है, जिसमें Micro LAP और Vanilla प्रोग्राम्स पर फोकस है, जिससे AUM में अस्थायी कमी आई है।

आगे की राह (Outlook & Guidance)

पूरे FY'26 के लिए, कंपनी ब्रोकिंग बिजनेस में 10-14% ग्रोथ का अनुमान लगा रही है। कैश (Cash) और कमोडिटी मार्केट्स (Commodity Markets) पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा और लगभग 70% ऑनलाइन ब्रोकिंग बिजनेस में एल्गो ट्रेडिंग (Algo Trading) को इंटीग्रेट करने की योजना है। आने वाले कुछ सालों में म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) AUM में सालाना 20-25% की ग्रोथ की उम्मीद है, और FY'27 के अंत तक यह ₹6,000 करोड़ से ऊपर जाने का लक्ष्य है। फाइनेंसिंग सेगमेंट में AUM ग्रोथ रणनीतिक बदलावों के स्थिर होने के बाद फिर से रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। वर्तमान में उधारी की लागत 10.57% है, जिसमें थोड़ी कमी की उम्मीद है।

मुख्य जोखिम (Risks & Outlook)

सबसे बड़ा जोखिम NBFC सेगमेंट के AUM और प्रॉफिटेबिलिटी में स्ट्रैटेजिक एडजस्टमेंट्स के बाद रिकवरी की गति और एग्जीक्यूशन (Execution) है। ब्रोकिंग और म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूशन में कॉम्पिटिशन (Competition) और मार्केट वोलेटिलिटी (Market Volatility) कंपनी के ग्रोथ टारगेट को चुनौती दे सकते हैं। निवेशक फी-बेस्ड इनकम स्ट्रीम्स में लगातार ग्रोथ और NBFC ऑपरेशंस के सफल टर्नअराउंड (Turnaround) पर नजर रखेंगे।

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