जयपुर की नॉन-बैंकिंग लेंडर SK Finance में उसके शुरुआती निवेशकों ने Kenro Capital को $50-60 मिलियन (लगभग ₹415-500 करोड़) में हिस्सेदारी बेचने के लिए बातचीत शुरू कर दी है। TPG और Norwest जैसे पुराने निवेशक पिछले साल IPO टालने के बाद अब बाहर निकलने का रास्ता तलाश रहे हैं। इस डील में कंपनी की ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए नई पूंजी भी जुटाई जा सकती है।
Detailed Coverage
जयपुर की नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी SK Finance के शुरुआती निवेशक सेकेंडरी एग्जिट (secondary exit) के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेकेंडरी फोकस वाले इन्वेस्टमेंट फंड Kenro Capital ने कंपनी में $50-60 मिलियन (लगभग ₹415-500 करोड़) की हिस्सेदारी खरीदने के लिए सक्रिय बातचीत शुरू कर दी है। इस डील से TPG और Norwest जैसे लंबे समय से निवेशक रहे फंड्स को बाहर निकलने का मौका मिल सकता है, जिन्होंने लगभग एक दशक से कंपनी में निवेश कर रखा है।
IPO टलने का असर
यह सेकेंडरी मार्केट की डील ऐसे समय में हो रही है जब कंपनी ने पिछले साल अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) को टाल दिया था। SK Finance ने पहले लगभग ₹2,200 करोड़ जुटाने के लिए शुरुआती कागजात दाखिल किए थे, जिसमें नई पूंजी और मौजूदा निवेशकों की हिस्सेदारी की बिक्री दोनों शामिल थी। रेगुलेटरी अप्रूवल मिलने के बावजूद, मैनेजमेंट ने बाजार की अस्थिरता और वैल्यूएशन (valuation) को लेकर चिंता जताते हुए लिस्टिंग प्रक्रिया को रोक दिया था। हालांकि IPO अभी भी होल्ड पर है, यह हिस्सेदारी की बिक्री पुराने निवेशकों के लिए पब्लिक मार्केट में डेब्यू किए बिना लिक्विडिटी (liquidity) का एक जरिया प्रदान करती है।
कंपनी की परफॉरमेंस
SK Finance ने यूज्ड व्हीकल (used vehicle) की फाइनेंसिंग और माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) को छोटे-छोटे सुरक्षित लोन देने के अपने मुख्य बिजनेस में लगातार ग्रोथ बनाए रखी है। दिसंबर 2025 के अंत तक, कंपनी का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (Assets Under Management - AUM) ₹15,750 करोड़ था, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹13,260 करोड़ से एक स्वस्थ विस्तार दर्शाता है। कंपनी का नेट प्रॉफिट भी सुधरा है, जो ₹431 करोड़ रहा। लगभग 13 राज्यों में फैले 680 से अधिक ब्रांचों के नेटवर्क के साथ, कंपनी राजस्थान में अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है और साथ ही भौगोलिक विस्तार पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।
Kenro Capital की दिलचस्पी
Kenro Capital के लिए, यह निवेश फाइनेंशियल सर्विसेज (financial services) और कंज्यूमर गुड्स (consumer goods) सेक्टर में माइनॉरिटी स्टेक (minority stake) लेने के उनके लक्ष्य के अनुरूप है। पूर्व इंडस्ट्री एग्जीक्यूटिव Norbert Fernandes और Piyush Gupta के नेतृत्व वाली यह फर्म वर्तमान में अपने पहले फंड को बंद करने की प्रक्रिया में है, जिसका लक्ष्य कुल कॉर्पस $120-150 मिलियन है। अगर यह डील फाइनल होती है, तो इसमें प्राइमरी कैपिटल इंजेक्शन (primary capital injection) भी शामिल हो सकता है, जो लेंडर की बैलेंस शीट को मजबूत करने और भविष्य की लेंडिंग एक्टिविटीज को सपोर्ट करने में मदद करेगा।
जो निवेशक कंपनी पर नजर रख रहे हैं, उन्हें इस डील के फाइनल वैल्यूएशन और मैनेजमेंट से पब्लिक मार्केट में वापसी की संभावित टाइमलाइन पर अपडेट का इंतजार करना चाहिए। कंपनी की एसेट क्वालिटी (asset quality) और मार्जिन (margin) को बनाए रखते हुए प्रतिस्पर्धी बाजारों में अपने MSME लोन बुक को बढ़ाने की क्षमता मुख्य रूप से निगरानी योग्य रहेगी।
