सिक्योरिटी और फैसिलिटी मैनेजमेंट कंपनी SIS Ltd ने अपने पांचवें शेयर बायबैक (Share Buyback) का ऐलान किया है। कंपनी **₹120 करोड़** के शेयर वापस खरीदने की योजना बना रही है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही में मजबूत ग्रोथ दर्ज की है, जिसमें मुनाफे में **28%** की बढ़ोतरी हुई है।
क्या हुआ?
सिक्योरिटी और फैसिलिटी मैनेजमेंट कंपनी SIS Ltd ने 2017 में लिस्टिंग के बाद से अपने पांचवें शेयर बायबैक प्रोग्राम की घोषणा की है। कंपनी के बोर्ड ने ₹120 करोड़ तक के शेयरों की पुनर्खरीद (Repurchase) के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। यह घोषणा फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही में कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के बाद आई है, जिसे कंपनी ने पूंजी वापसी योजना के साथ ही रिपोर्ट किया है।
बायबैक ऑफर
कंपनी ने बायबैक के लिए प्रति शेयर अधिकतम ₹478.50 का भाव तय किया है। यह भाव ₹435 के आखिरी क्लोजिंग प्राइस पर 10% का प्रीमियम दर्शाता है। इस अधिकतम मूल्य के आधार पर, कंपनी लगभग 25 लाख शेयर वापस खरीदने की योजना बना रही है, हालांकि प्रोग्राम के वास्तविक कार्यान्वयन के आधार पर शेयरों की अंतिम संख्या बदल सकती है।
पूंजी वापसी को बढ़ावा देने वाली वित्तीय वृद्धि
शेयरधारकों को पूंजी लौटाने का यह निर्णय कंपनी के हालिया परिचालन प्रदर्शन के अनुरूप है। फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही में, SIS Ltd ने पिछले वर्ष की तुलना में 28% की वृद्धि के साथ टैक्स के बाद मुनाफे (Profit After Tax) की सूचना दी। परिचालन से राजस्व (Revenue) में भी 31% की महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई, जो तिमाही के लिए ₹4,489.3 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹3,427.9 करोड़ था।
कंपनी का कोर सिक्योरिटी सॉल्यूशंस बिजनेस इस ग्रोथ का मुख्य चालक रहा। विशेष रूप से, भारत के सिक्योरिटी सॉल्यूशंस सेगमेंट ने पिछले साल ₹1,435 करोड़ की तुलना में ₹1,925 करोड़ का राजस्व दर्ज किया। इस ग्रोथ को ई-कॉमर्स, कंस्ट्रक्शन, मैन्युफैक्चरिंग और पावर जैसे सेक्टर्स से बढ़ती मांग का समर्थन मिला। इसके अलावा, सेगमेंट के EBITDA मार्जिन में सुधार हुआ, जो पिछले तिमाही के 4.8% से बढ़कर 5.1% हो गया।
ऐतिहासिक रिकॉर्ड
SIS Ltd ने शेयरधारकों को नकदी वितरित करने की एक सुसंगत नीति बनाए रखी है। अपनी पब्लिक लिस्टिंग के बाद से, कंपनी ने चार बायबैक प्रोग्राम पूरे किए हैं, जिसमें कुल मिलाकर लगभग 86 लाख शेयर वापस खरीदे गए हैं। इस नवीनतम घोषणा को मिलाकर, बायबैक और डिविडेंड (Dividend) के माध्यम से शेयरधारकों को लौटाई गई कुल पूंजी लगभग ₹720 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। इससे पहले, कंपनी ने लगभग ₹600 करोड़ वितरित किए थे, जिसमें पिछले बायबैक से ₹420 करोड़ और डिविडेंड में ₹180 करोड़ शामिल थे।
निवेशक आगे क्या ट्रैक करें
निवेशकों के लिए अब प्राथमिक ध्यान बायबैक के लिए औपचारिक रिकॉर्ड डेट (Record Date) पर होगा, जो शेयरधारक की पात्रता तय करेगा। निवेशकों को अंतिम स्वीकृति अनुपात (Acceptance Ratio) को भी ट्रैक करना चाहिए, जो यह निर्धारित करता है कि व्यक्तिगत शेयरधारक वास्तव में कितने शेयर बेच पाएंगे। अंत में, चूंकि कंपनी ग्रोथ और पूंजी वापसी पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखती है, इसलिए प्रतिस्पर्धी सिक्योरिटी और फैसिलिटी मैनेजमेंट सेक्टर में मुनाफे के मार्जिन की स्थिरता की निगरानी करना महत्वपूर्ण बना रहेगा।
