Small Industries Development Bank of India (SIDBI) ने अपने **₹6,000 करोड़** के बॉन्ड जारी करने के प्लान को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया है। निवेशकों की ओर से ऊंची ब्याज दरों की मांग के बाद बैंक ने यह फैसला लिया है, जो बढ़ते कर्ज के बोझ और कठिन मार्केट हालात को दर्शाता है।
बॉन्ड डील क्यों रुकी?
गुरुवार को SIDBI ने अपनी बॉन्ड नीलामी को रद्द करने का बड़ा कदम उठाया। दरअसल, बैंक और निवेशकों के बीच ब्याज दरों (Yields) पर सहमति नहीं बन सकी। निवेशकों ने 7.85% से 7.97% तक के कट-ऑफ यील्ड की मांग की थी। यह मौजूदा समय में बाजार में चल रहे AAA-रेटेड PSU बॉन्ड्स की यील्ड से 5 से 10 बेसिस पॉइंट अधिक थी। SIDBI ने इस महंगे कर्ज को लेने के बजाय इश्यू को रद्द करना ही बेहतर समझा।
क्यों दबाव में है डेट मार्केट?
यह घटना भारतीय डेट मार्केट में बढ़ते तनाव को साफ दिखाती है। पिछले दो हफ्तों में ही 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड में 12 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी हुई है। इसके पीछे क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में तेजी जैसे ग्लोबल कारण जिम्मेदार हैं।
RBI पॉलिसी पर नजरें
निवेशक अब RBI की आगामी अक्टूबर पॉलिसी मीटिंग पर नजरें गड़ाए हुए हैं। बाजार में यह आशंका बनी हुई है कि रेपो रेट में बदलाव हो सकता है। इसी वजह से 3-वर्षीय डेट सेगमेंट के निवेशक अब अधिक सतर्क हैं और कम अवधि के इंस्ट्रूमेंट्स के लिए भी भारी रिस्क प्रीमियम की मांग कर रहे हैं। सितंबर महीने में कॉर्पोरेट बॉन्ड्स जारी करने की होड़ मची है ताकि कंपनियां RBI के फैसले से पहले फंड लॉक कर सकें। अब निवेशकों की नजरें पूरी तरह से केंद्रीय बैंक के अगले दिशा-निर्देशों पर टिकी हैं कि आगे कॉर्पोरेट उधार का खर्च किस ओर बढ़ेगा।
