SEBI का बड़ा दांव: भारत बनेगा ग्लोबल फंड हब! शॉर्ट-सेलिंग और डेट रूल्स पर भी होगी समीक्षा

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AuthorAditya Rao|Published at:
SEBI का बड़ा दांव: भारत बनेगा ग्लोबल फंड हब! शॉर्ट-सेलिंग और डेट रूल्स पर भी होगी समीक्षा

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) भारत को वैश्विक फंड प्रबंधन का हब बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठा रहा है। इसके तहत, रेगुलेटर शॉर्ट-सेलिंग और सिक्योरिटीज लेंडिंग जैसे महत्वपूर्ण टूल्स की समीक्षा कर रहा है ताकि बाजार की लिक्विडिटी को बढ़ाया जा सके। SEBI ने यह भी साफ किया है कि क्लोजिंग ऑक्शन सेशन अब स्थायी होगा और इसमें हेरफेर करने की कोशिशों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भारत बनेगा ग्लोबल फंड मैनेजमेंट का नया डेस्टिनेशन!

सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने भारत को फंड मैनेजमेंट के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की है। SEBI के चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने बताया कि रेगुलेटर एक नया फ्रेमवर्क तैयार कर रहा है, जिसका मकसद ग्लोबल फंड मैनेजर्स को सिंगापुर या दुबई जैसे पारंपरिक अंतरराष्ट्रीय केंद्रों के बजाय भारत में अपने ऑपरेशनल बेस शिफ्ट करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

यह कदम भारत के वित्तीय बाजारों को गहरा करने और देश की बढ़ती इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और ग्रीन एनर्जी की पूंजीगत जरूरतों को घरेलू वित्तीय प्रणालियों से पूरा करने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है। फंड ऑपरेशंस के नियमों को सरल बनाकर, SEBI का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के लिए भारतीय रेगुलेटरी दायरे में रहते हुए अपनी संपत्ति का प्रबंधन करना आसान बनाना है।

बाजार की लिक्विडिटी बढ़ाने पर फोकस

इसके साथ ही, SEBI सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग मैकेनिज्म (SLBM) और शॉर्ट-सेलिंग फ्रेमवर्क की भी समीक्षा कर रहा है। ये मैकेनिज्म निवेशकों को शुल्क पर शेयर उधार लेने या देने की अनुमति देते हैं, जिससे लिक्विडिटी बढ़ाने में मदद मिलती है - यानी, संपत्ति को बड़े मूल्य परिवर्तन के बिना कितनी आसानी से खरीदा या बेचा जा सकता है। इन टूल्स को बेहतर बनाने का उद्देश्य कैश मार्केट को अधिक कुशल बनाना है।

डेट मार्केट और ESG को मिलेगा बढ़ावा

डेट मार्केट में, SEBI इंटरनेशनल सिक्योरिटीज आइडेंटिफिकेशन नंबर्स (ISINs) के लिए अधिक लचीलापन लाने पर विचार कर रहा है। इस बदलाव से कॉर्पोरेट बॉन्ड्स की पहचान करना और उनका ट्रेड करना आसान होने की उम्मीद है, जिससे कॉर्पोरेट बॉन्ड सेक्टर में गतिविधि को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, ESG (एनवायर्नमेंटल, सोशल, और गवर्नेंस) डेट इंस्ट्रूमेंट्स के लिए अधिक समर्थन प्रदान करने की भी मंशा है, जिससे कंपनियां टिकाऊ प्रोजेक्ट्स के लिए आसानी से पैसा जुटा सकेंगी।

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन अब स्थायी

SEBI ने यह भी पुष्टि की है कि क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS), जिसे 3 अगस्त, 2026 को पेश किया गया था, अब बाजार का एक स्थायी हिस्सा है। लॉन्च के बाद से कुछ निवेशकों और ट्रेडर्स को शुरुआती दिक्कतों का सामना करना पड़ा है, लेकिन SEBI नेतृत्व ने जोर देकर कहा है कि यह सेशन जारी रहेगा। रेगुलेटर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस सेशन में हेरफेर करने की कोशिश करने वाले किसी भी बाजार प्रतिभागी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

AI और ML पर भी होंगी नई गाइडलाइंस

अंत में, रेगुलेटर वित्तीय बाजारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग के जिम्मेदार उपयोग के लिए दिशानिर्देश विकसित कर रहा है। धोखाधड़ी का पता लगाने और ग्राहक सेवा जैसे क्षेत्रों में AI के लाभों को स्वीकार करते हुए, रेगुलेटर ने डेटा बायस, संभावित साइबर सुरक्षा खतरों और जवाबदेही की कमी जैसे जोखिमों पर प्रकाश डाला है। निवेशकों और वित्तीय संस्थानों को इन तकनीकों पर आने वाले दिशानिर्देशों पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इससे वित्तीय कंपनियों के संचालन और निवेशक डेटा को संभालने के तरीके में बदलाव की आवश्यकता हो सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.