डिजिटल वॉलेट ऐप SD Pay एक बहुत बड़ा पोंजी स्कीम (Ponzi Scheme) निकला है, जिसमें **6.52 लाख** निवेशकों से **₹1,211 करोड़** की धोखाधड़ी की गई है। अधिकारियों ने **12** प्रमुख लोगों को गिरफ्तार किया है। ध्यान रखें, यह ऐप किसी भी लिस्टेड कंपनी जैसे S D Retail Limited से बिल्कुल अलग है।
कैसे फंसाया गया निवेशकों को?
यह ऐप शुरुआत में एक साधारण यूटिलिटी पेमेंट सर्विस के रूप में पेश किया गया था, लेकिन जल्द ही इसने अपना रंग बदल लिया। प्रमोटरों ने निवेशकों को 0.15% से 0.30% तक का दैनिक रिटर्न देने का लालच दिया। यह सारा खेल 15-लेवल के रेफरल सिस्टम पर टिका था, जहाँ पुराने शिकार नए लोगों को जोड़ने के लिए कमीशन के चक्कर में फंसते गए। जब नए लोगों का आना कम हुआ, तो विड्रॉल बंद हो गए और प्रमोटरों ने इसे 'Apna Pay' नाम से बदलने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने खेल बिगाड़ दिया।
S D Retail के निवेशकों के लिए जरूरी सफाई
अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं, तो भ्रमित न हों। धोखाधड़ी वाला SD Pay एक अनलिस्टेड प्राइवेट फर्म है। इसका NSE और BSE पर लिस्टेड S D Retail Limited से कोई लेना-देना नहीं है। S D Retail स्लीपवेयर और रिटेल बिजनेस से जुड़ी कंपनी है। किसी भी ऐप में पैसा लगाने से पहले उसकी रेग्युलेटरी स्थिति की जांच जरूर करें।
जांच की स्थिति और जोखिम
गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और तमिलनाडु जैसे राज्यों में 18 FIR दर्ज की गई हैं। अमरेली पुलिस के अनुसार, अब तक केवल ₹1.86 करोड़ ही जब्त हो पाए हैं, जिससे निवेशकों का पैसा डूबने का खतरा बहुत अधिक है। जो लोग इस चेन में सक्रिय थे, उन पर भी कानूनी गाज गिर सकती है।
