सरकार ने पूर्व MSME सेक्रेटरी सुभास चंद्र लाल दास (SCL Das) को Financial Services Institutions Bureau (FSIB) का नया पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया है। अब 7 सदस्यों वाली नई टीम अगले 3 साल तक सरकारी बैंकों और इंश्योरेंस कंपनियों के लिए लीडरशिप चुनेगी।
सरकारी बैंकों और इंश्योरेंस कंपनियों की कमान किसके हाथों में होगी, इसका फैसला अब एक नई टीम करेगी। केंद्र सरकार ने पूर्व MSME सेक्रेटरी सुभास चंद्र लाल दास को FSIB का नया पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया है। यह बदलाव एक बड़ी कवायद का हिस्सा है, जिसके तहत 7 सदस्यों वाला नया बोर्ड गठित किया गया है। यह बोर्ड अगले 3 साल तक सरकारी वित्तीय संस्थानों में डायरेक्टर और चेयरपर्सन की नियुक्तियों की सिफारिश करेगा।\n\n### कौन-कौन शामिल है नई टीम में?\n\nइस नए बोर्ड में दिग्गज चेहरों को जगह दी गई है, जिनके पास फाइनेंस और बैंकिंग का गहरा अनुभव है। टीम में शामिल प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:\n\n* अरिजीत बसु: पूर्व MD, State Bank of India\n* सतीश के. मराठे: पूर्व सदस्य, RBI सेंट्रल बोर्ड\n* आर. सुब्रमण्यन: पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, RBI\n* सिद्धार्थ मोहंती: पूर्व CEO, Life Insurance Corporation of India\n* नीजा कपूर: वेटरन, New India Assurance\n* टी.एल. अलामेलु: पूर्व सदस्य, IRDAI\n\n### निवेशकों के लिए क्यों है यह जरूरी?\n\nपब्लिक सेक्टर बैंकों (PSB) और सरकारी इंश्योरेंस कंपनियों में निवेश करने वाले लोगों के लिए यह खबर काफी अहम है। कंपनी की एफिशिएंसी, एसेट क्वालिटी और लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी काफी हद तक टॉप लेवल मैनेजमेंट पर निर्भर करती है। साल 2022 में Banks Board Bureau की जगह आए FSIB का मुख्य काम ही सरकारी वित्तीय संस्थानों के लिए प्रोफेशनल लीडरशिप चुनना है।\n\nयह नई टीम न केवल उम्मीदवारों का चुनाव करेगी, बल्कि मैनेजमेंट के कार्यकाल विस्तार और स्ट्रक्चर पर भी सरकार को सलाह देगी। मार्केट के जानकारों का मानना है कि इन नियुक्तियों से साफ होगा कि आने वाले वर्षों में सरकार सरकारी बैंकों और इंश्योरेंस कंपनियों को किस दिशा में ले जाना चाहती है।
