SBM Bank (India) ने अपने विस्तार और कैपिटल बेस को मजबूत करने के लिए **26%** हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बैंक का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2027 तक क्रेडिट ग्रोथ को **32-35%** तक ले जाना है।
फंड जुटाने की रणनीति
SBM Bank (India), जो मॉरीशस स्थित SBM Group की घरेलू सब्सिडियरी है, ने अपनी 26% हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बैंक ने इसके लिए एक कंसल्टेंट भी नियुक्त किया है और फिलहाल यह प्रक्रिया 'एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट' (EOI) के दौर में है। इस कदम का मुख्य मकसद फ्रेश कैपिटल जुटाना है ताकि बैंक वित्त वर्ष 2027 तक 32-35% की क्रेडिट ग्रोथ हासिल करने के अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा कर सके।
बैंक ने हाल ही में अपनी पैरेंट कंपनी से वित्तीय सहायता ली है। जून 2026 में ग्रुप ने ₹75 करोड़ का निवेश किया था और इस महीने भी ₹75 करोड़ का अतिरिक्त फंड मिलने की उम्मीद है। मार्च 2026 तिमाही में बैंक को ₹4.71 करोड़ का नेट लॉस हुआ था, जिसे देखते हुए यह हिस्सेदारी बिक्री बैंक के लिए वित्तीय स्थिरता लाने के लिहाज से काफी अहम है।
डिजिटल और फिजिकल विस्तार
बैंक तेजी से अपने पैर पसार रहा है। हाल ही में गुरुग्राम में अपनी 23वीं ब्रांच खोलने के साथ ही बैंक ने डिजिटल क्षेत्र में भी कदम बढ़ाए हैं। Sprint Money के साथ मिलकर एक इंटीग्रेटेड म्यूचुअल फंड इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया है, जो पोर्टफोलियो एनालिटिक्स और Morningstar रेटिंग्स जैसी सुविधाएं देता है।
रिस्क फैक्टर और चुनौतियां
हालांकि बैंक का लक्ष्य बड़ा है, लेकिन निवेशकों के लिए कुछ जोखिम भी हैं। बैंक के कैपिटल बफर काफी सीमित हैं, जिससे अर्निंग प्रोफाइल पर दबाव बना हुआ है। इसके अलावा, ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एडवांसेज (GNPA) में बढ़ोतरी भी चिंता का विषय है। अब देखने वाली बात यह होगी कि बैंक कैसे अपनी क्रेडिट ग्रोथ और एसेट क्वालिटी के बीच संतुलन बना पाता है।
