SBICAP Securities ने Appreciate Broking के साथ साझेदारी की है, जिससे भारतीय निवेशक अब GIFT City के जरिए **8,000** से अधिक अमेरिकी शेयरों और ETF में निवेश कर पाएंगे। इस प्लेटफॉर्म पर अब **$1** से फ्रैक्शनल इन्वेस्टिंग (Fractional Investing) की सुविधा भी मिलेगी।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की सहायक कंपनी, SBICAP Securities ने ग्लोबल मार्केट में भारतीय निवेशकों की पहुंच को आसान बनाने के लिए Appreciate Broking IFSC के साथ हाथ मिलाया है। इस नई सुविधा का आधिकारिक लॉन्च मुंबई में आयोजित 'ग्लोबल फिनटेक फेस्ट' के दौरान SBI के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु शेट्टी ने किया। यह पहल गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (GIFT City) के रेगुलेटरी ढांचे का लाभ उठाकर घरेलू निवेशकों के लिए अंतरराष्ट्रीय इक्विटी में निवेश के रास्ते खोलती है।
फ्रैक्शनल इन्वेस्टिंग का फायदा
इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खूबी 8,000 से ज्यादा अमेरिकी शेयरों और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) तक पहुंच है। निवेशकों के लिए सबसे बड़ा प्लस पॉइंट 'फ्रैक्शनल इन्वेस्टिंग' है, जिसके जरिए आप महज $1 के न्यूनतम निवेश से महंगे अमेरिकी शेयरों का एक हिस्सा खरीद सकते हैं। यह उन छोटे निवेशकों के लिए बहुत उपयोगी है जो एक पूरे शेयर की भारी-भरकम कीमत नहीं चुका सकते।
काम कैसे करेगा यह प्लेटफॉर्म?
प्लेटफॉर्म ने जटिलताओं को कम करने के लिए India INX और NSE इंटरनेशनल एक्सचेंज के साथ डिजिटल इंटीग्रेशन किया है। इसमें एक यूनिफाइड KYC प्रक्रिया दी गई है, जिससे ऑनबोर्डिंग का अनुभव सरल हो गया है। सभी निवेशों की देखरेख इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी (IFSCA) द्वारा की जाती है और सिक्योरिटीज़ को रेगुलेटेड US कस्टोडियन्स के पास रखा जाता है।
निवेशकों के लिए जरूरी सावधानियां
हालांकि यह निवेश का एक शानदार विकल्प है, लेकिन इसमें कुछ वित्तीय और रेगुलेटरी पहलुओं को समझना जरूरी है:
- LRS और टैक्स: सभी ट्रांजैक्शन रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की 'लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम' (LRS) के दायरे में आते हैं। साथ ही, विदेश में पैसा भेजने पर लागू होने वाले Tax Collected at Source (TCS) नियमों का भी ध्यान रखना होगा।
- करेंसी रिस्क: चूंकि निवेश अमेरिकी डॉलर में होता है, इसलिए डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल आपके रिटर्न को प्रभावित कर सकती है।
- रेगुलेटरी अंतर: यह प्लेटफॉर्म IFSCA के नियमों के तहत काम करता है, जो SEBI के घरेलू नियमों से अलग हैं।
भविष्य में, कंपनी इस प्लेटफॉर्म पर ग्लोबल म्यूचुअल फंड्स और अन्य स्ट्रक्चर्ड फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स भी लाने की योजना बना रही है।
