SBI: ग्रीन एनर्जी पर बड़ा दांव, बैंक ने किया **₹5 लाख करोड़** के लोन पाइपलाइन का ऐलान

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AuthorNeha Patil|Published at:
SBI: ग्रीन एनर्जी पर बड़ा दांव, बैंक ने किया **₹5 लाख करोड़** के लोन पाइपलाइन का ऐलान

State Bank of India के चेयरमैन CS Setty ने **₹5 लाख करोड़** की विशाल कॉर्पोरेट लोन पाइपलाइन की घोषणा की है। यह फोकस मुख्य रूप से रिन्यूएबल एनर्जी, बैटरी स्टोरेज और डेटा सेंटर्स पर है, ताकि बैंक **14-15%** की क्रेडिट ग्रोथ हासिल कर सके।

ग्रीन फाइनेंसिंग के लिए नई तैयारी

State Bank of India अब इंफ्रास्ट्रक्चर और सस्टेनेबल सेक्टर की बढ़ती मांग को भुनाने के लिए अपनी रणनीति बदल रहा है। चेयरमैन CS Setty ने बताया कि रिन्यूएबल एनर्जी, बैटरी स्टोरेज और बड़े डेटा सेंटर्स से भारी मांग आ रही है। इस बदलाव को संभालने के लिए बैंक ने 'ESG & CFU' और 'CHAKRA' जैसे विशेष इंटरनल यूनिट्स बनाए हैं, जो ग्रीन फाइनेंसिंग पर बारीकी से काम करेंगे। बैंक ने प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग के तहत रिन्यूएबल एनर्जी की लिमिट को ₹350 मिलियन से बढ़ाकर ₹1 बिलियन करने का प्रस्ताव भी रखा है।

लिक्विडिटी और फाइनेंशियल स्ट्रेंथ

बैंक अपनी लिक्विडिटी को मजबूत करने के लिए डिपॉजिट्स जुटाने पर जोर दे रहा है। बैंक ने अब तक $9 बिलियन के फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट डिपॉजिट्स जुटा लिए हैं और $10 बिलियन के लक्ष्य के करीब है। बैंक का फाइनेंशियल हेल्थ मजबूत है, जिसका प्रमाण FY26 में ₹85,168 करोड़ का नेट प्रॉफिट और 15.40% का कैपिटल टू रिस्क-वेटेड एसेट्स रेश्यो है।

निवेशकों के लिए चेतावनी

हालांकि ग्रोथ का लक्ष्य बड़ा है, लेकिन शेयरधारकों को कुछ बातों पर नजर रखनी होगी। जानकारों का मानना है कि बड़े कॉर्पोरेट लोन का रिटर्न रिटेल लोन के मुकाबले कम होता है, जो बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव डाल सकता है। इसके अलावा, नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) 0.38% (Q1 FY27) पर स्थिर होने के बावजूद, हाल की तिमाहियों में क्रेडिट कॉस्ट में बढ़ोतरी चिंता का विषय हो सकती है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि बैंक अपनी मार्जिन और प्रॉफिटेबिलिटी को कैसे बैलेंस करता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.