State Bank of India के चेयरमैन CS Setty ने देश की इकॉनमी में **7.5%** ग्रोथ का अनुमान जताया है। बैंक ने इस फाइनेंशियल ईयर के लिए **14-15%** क्रेडिट ग्रोथ का लक्ष्य रखा है।
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI ने नए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपनी राह साफ कर दी है। बैंक ने पहली तिमाही में ₹21,121 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 10.2% अधिक है। बैंक का पूरा ध्यान अब भविष्य की जरूरतों और बड़े कॉर्पोरेट लोन पाइपलाइन को भुनाने पर है।
ग्रोथ का इंजन और कॉर्पोरेट पाइपलाइन
बैंक ने 14% से 15% क्रेडिट ग्रोथ का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए रिटेल और SME सेक्टर के साथ-साथ ₹4 लाख से 5 लाख करोड़ की कॉर्पोरेट लोन पाइपलाइन पर काम किया जा रहा है। इसमें रिन्यूएबल एनर्जी, पावर जनरेशन, बैटरी स्टोरेज और डेटा सेंटर जैसे सेक्टर प्रमुख हैं, जहां SBI एक बड़े फाइनेंसर के तौर पर अपनी भूमिका देख रहा है।
ROA और ROE के लक्ष्य
मैनेजमेंट का लक्ष्य 1% का रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) और 15% का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) बनाए रखना है। बैंक का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में कॉर्पोरेट कर्ज में आई कमी से बैलेंस शीट अब पहले से काफी मजबूत हुई है।
रिस्क और चुनौतियां
ग्रोथ की संभावनाओं के बीच बैंक साइबर सुरक्षा और ऑपरेशनल रिस्क पर भी बारीकी से नजर रख रहा है। हालांकि, वित्त वर्ष 2026 में ग्रॉस NPA रेशियो 1.49% रहा है, लेकिन बढ़ते लोन बुक के साथ एसेट क्वालिटी को मेंटेन रखना एक बड़ी चुनौती होगी।
निवेशकों को अब बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर नजर रखनी चाहिए। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर 27 अगस्त 2026 को SBI का शेयर ₹1,043 के आसपास ट्रेड कर रहा था। भविष्य में NIM की स्थिति और बड़े कॉर्पोरेट प्रोजेक्ट्स का एग्जीक्यूशन ही स्टॉक की दिशा तय करेगा।
