SBI Share Price: रिकॉर्ड हाई पर SBI! Q3 में हुई ₹21,028 करोड़ की बंपर कमाई, निवेशकों में खुशी की लहर

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AuthorAditya Rao|Published at:
SBI Share Price: रिकॉर्ड हाई पर SBI! Q3 में हुई ₹21,028 करोड़ की बंपर कमाई, निवेशकों में खुशी की लहर
Overview

State Bank of India (SBI) के निवेशकों के लिए आज का दिन बेहद शानदार रहा। बैंक ने Q3 FY26 में अपना अब तक का सबसे तगड़ा तिमाही मुनाफा, **₹21,028 करोड़**, दर्ज किया है। इस धमाकेदार नतीजे के चलते शेयर की कीमत में करीब **6%** का उछाल आया और यह रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया।

मुनाफे का बूस्टर डोज

State Bank of India (SBI) ने अपने Q3 FY26 के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें उसने ₹21,028 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट कमाया है। यह बैंक के इतिहास का सबसे मजबूत तिमाही नतीजा है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 24.5% ज्यादा है। इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत SBI के शेयर की कीमत करीब 6% बढ़कर ऑल-टाइम हाई ₹1,137 के स्तर पर पहुंच गई। बैंक का नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी करीब 9% बढ़कर ₹45,190 करोड़ रहा, जिसका मुख्य कारण 15.14% की मजबूत क्रेडिट ग्रोथ रही। इस तिमाही में बैंक को अपनी एसेट मैनेजमेंट कंपनी से ₹2,200 करोड़ का स्पेशल डिविडेंड भी मिला, जिसने मुनाफे को और बढ़ाया। ज्यादातर ब्रोकरेज फर्मों ने SBI पर अपना पॉजिटिव आउटलुक बनाए रखा है और टारगेट प्राइस में भी बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं।

नतीजों का गहराई से विश्लेषण

SBI का यह प्रदर्शन भारतीय बैंकिंग सेक्टर में काफी अच्छा माना जा रहा है। बैंक के ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) सुधरकर 1.57% और नेट एनपीए (NNPA) 0.39% पर आ गए हैं, जो कई सालों का निचला स्तर है। हालांकि, वैल्युएशन के मामले में SBI थोड़ा महंगा दिख रहा है, लेकिन अभी भी प्राइवेट सेक्टर के दिग्गजों HDFC Bank (करीब 19.4x P/E) और ICICI Bank (करीब 19x P/E) के मुकाबले यह काफी सस्ता है। वहीं, PSU बैंकों जैसे Canara Bank (6.6x P/E) या Union Bank (7.2x P/E) से तुलना करें तो SBI प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। फरवरी 2025 में SBI का P/E रेश्यो करीब 8.0x था, जो अब काफी बढ़ गया है। बैंक ने FY26 के लिए क्रेडिट ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 13-15% कर दिया है, जो लोन की मांग में तेजी का संकेत देता है। लेकिन, डिपॉजिट ग्रोथ 9% पर रही, जिससे क्रेडिट-डिपॉजिट रेश्यो बढ़कर 73% हो गया। यह सेक्टर में एक आम ट्रेंड है, जहां डिपॉजिट ग्रोथ, क्रेडिट एक्सपेंशन की रफ्तार पकड़ने में पिछड़ रही है।

चिंता के कारण (Bear Case)

इस जश्न के माहौल के बावजूद, कुछ चिंताएं भी हैं जिन पर ध्यान देना जरूरी है। क्रेडिट ग्रोथ और डिपॉजिट मोबिलाइजेशन के बीच बढ़ता अंतर लिक्विडिटी और फंडिंग कॉस्ट के लिए एक स्ट्रक्चरल चुनौती पेश कर रहा है। SBI के चेयरमैन ने स्वीकार किया है कि बैंक FY27 में बॉन्ड मार्केट से फंड जुटाने और अपनी बैलेंस शीट को री-इवैल्यूएट करने की योजना बना रहा है। हालांकि, इसका नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर तत्काल क्या असर होगा, यह देखना बाकी है। SBI ने घरेलू NIM 3.12% दर्ज की है और उम्मीद है कि यह 3% से ऊपर बनी रहेगी। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, पूरे बैंक का NIM थोड़ा घटकर 2.99% हो गया था। Nomura ने चेतावनी दी है कि स्टॉक की री-रेटिंग का एक हिस्सा पहले ही हो चुका है, और भविष्य में स्टॉक की बढ़त वैल्यूएशन एक्सपेंशन के बजाय अर्निंग्स ग्रोथ से आएगी। Bernstein ने ₹1,100 के टारगेट प्राइस के साथ 'मार्केट-परफॉर्म' रेटिंग दी है, जो हालिया तेजी के बाद वैल्युएशन को काफी 'रिच' बता रहा है। इसके अलावा, 2026 में रेगुलेटरी माहौल में बड़े बदलाव होने वाले हैं, जैसे नए डिजिटल बैंकिंग अथॉराइजेशन रूल्स और रिवाइज्ड बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट (BSBD) नॉर्म्स, जिनसे बैंक को तालमेल बिठाना होगा।

भविष्य की राह

SBI का मैनेजमेंट लगातार मजबूत क्रेडिट ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है और FY26 के लिए अनुमान को 13-15% तक बढ़ाया है। बैंक अपने मजबूत एसेट क्वालिटी और डाइवर्सिफाइड लोन पोर्टफोलियो के दम पर मीडियम-टर्म में NIM को 3% से ऊपर बनाए रखने का अनुमान लगा रहा है। लेकिन, अब फोकस लायबिलिटी मैनेजमेंट और बदलते रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को नेविगेट करने पर बढ़ेगा। ज्यादातर एनालिस्ट अभी भी पॉजिटिव हैं, लेकिन प्राइस टारगेट में अंतर और कुछ की ओर से मौजूदा वैल्युएशन पर चिंता जताए जाने से यह साफ है कि SBI के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के लिए अपनी फंडिंग कॉस्ट को प्रभावी ढंग से मैनेज करना और मार्जिन में ज्यादा कमी किए बिना ग्रोथ इनिशिएटिव्स का फायदा उठाना महत्वपूर्ण होगा।

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