हड़ताल स्थगित और सामान्य कामकाज
ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) द्वारा 25-26 मई, 2026 के लिए प्रस्तावित दो दिवसीय हड़ताल को स्थगित करने के फैसले के बाद, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शाखाओं में सामान्य कामकाज जारी रहेगा। यह फैसला मुंबई में SBI के कॉर्पोरेट सेंटर में बैंक मैनेजमेंट और यूनियन प्रतिनिधियों के बीच हुई "सकारात्मक चर्चा" के बाद आया। इस स्थगन से SBI के 52 करोड़ ग्राहकों को बिना किसी रुकावट के सेवाएं मिलती रहेंगी।
बैंक के स्टॉक, SBIN.NS, का 19 मई, 2026 तक प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो लगभग 10.43 था, जो इसके 10-साल के औसत से कम है। 22 मई, 2026 तक SBI का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹8.76 ट्रिलियन था।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें और जारी बातचीत
AISBISF द्वारा रखी गई 16 सूत्रीय मांगों में पर्याप्त स्टाफिंग, मैसेंजर और सशस्त्र गार्ड जैसी आवश्यक भूमिकाओं के लिए नई भर्ती, और स्थायी पदों पर आउटसोर्सिंग को रोकने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल थे। फेडरेशन ने करियर प्रोग्रेशन, मेडिकल रीइम्बर्समेंट और ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (HRMS) के समाधान में सुधार की भी मांग की। इसके अलावा, क्लर्क भर्ती में कमी, काम का बढ़ता बोझ और ट्रांसफर में देरी जैसी चिंताओं को भी उठाया गया था।
हालांकि हड़ताल टल गई है, लेकिन ये मुद्दे बैंक और उसके कर्मचारियों के बीच चल रही चर्चाओं का विषय बने रहेंगे। 22 मई, 2026 को स्टॉक में -0.14% की मामूली गिरावट दर्ज की गई थी।
सेक्टर की तुलना और व्यावसायिक अवलोकन
SBI का लगभग 10.43x का P/E रेश्यो सेक्टर के 9.30x के P/E रेश्यो की तुलना में थोड़ा अधिक है। कैनरा बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया जैसे प्रतिस्पर्धियों के P/E रेश्यो क्रमशः 6.2x और 6.5x हैं, जो बताता है कि SBI पब्लिक सेक्टर बैंकों में थोड़ी प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। SBI की मार्केट में मजबूत हिस्सेदारी है, Q3 FY26 तक लगभग 22% डिपॉजिट में और 20% एडवांसेस में।
मैनेजमेंट ने ग्राहकों को आवश्यक सेवाओं के लिए डिजिटल चैनल, एटीएम और ग्राहक सेवा बिंदुओं का उपयोग करने की सलाह दी है। बैंक की FY2024-25 की एनुअल रिपोर्ट में इसके प्रतिबद्ध कार्यबल और एकीकृत स्थिरता पर जोर दिया गया है, जिसका लक्ष्य समावेशी विकास है।
संभावित जोखिम और कर्मचारियों की चिंताएं
हड़ताल स्थगित होने के बावजूद, मूल चिंताएं बनी हुई हैं। यूनियन स्थायी नौकरियों के आउटसोर्सिंग का विरोध करती है क्योंकि डेटा लीक, धोखाधड़ी और पहचान की चोरी का डर है, जिससे ग्राहकों का विश्वास और बैंक की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है। सशस्त्र गार्डों की कमी भी एक सुरक्षा चिंता का विषय है।
इसके अतिरिक्त, यूनियन ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) फंड मैनेजमेंट के साथ असंतोष व्यक्त किया और अधिकारियों व कर्मचारियों के बीच वेतन संशोधन में असमानताओं का आरोप लगाया, जो आंतरिक कलह का संकेत देता है। इन अनसुलझी शिकायतों और कर्मचारी सुरक्षा में कथित कटौती पर निवेशकों को नजर रखने की आवश्यकता है।
