State Bank of India के शेयरों में लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है और स्टॉक फिसलकर **₹950** के स्तर पर आ गया है। अब निवेशकों की नजर **5 नवंबर 2026** को आने वाले Q2 नतीजों पर टिकी है।
बाजार का दबाव और गिरता भाव
साल की शुरुआत में ₹1,200 के पार ट्रेड करने वाला SBI अब ₹950 के आसपास संघर्ष कर रहा है। घरेलू बाजार में जारी उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली का सीधा असर बैंकिंग सेक्टर पर पड़ा है। हालांकि, बैंक के फंडामेंटल्स अभी भी मजबूत नजर आते हैं। पिछली तिमाही (Q1) में बैंक ने ₹12,120 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया था, जो सालाना आधार पर 10.2% की बढ़त दिखाता है। बैंक के ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) भी 1.47% के निचले स्तर पर बने हुए हैं, जो इसकी बेहतर लोन बुक का प्रमाण है।
नतीजों में क्या होगा खास?
5 नवंबर को आने वाले नतीजों में सबसे बड़ा सवाल नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) को लेकर है। RBI के मौजूदा ब्याज दर चक्र के चलते बैंक के सामने चुनौती है कि वह कैसे अपने फंड की लागत (Cost of Funds) और लोन पर मिलने वाली इनकम के बीच संतुलन बनाए रखे।
निवेशक मुख्य रूप से इन तीन बातों पर ध्यान रखेंगे:
- क्रेडिट ग्रोथ: इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रामीण सेक्टर में लोन की मांग का क्या हाल है?
- डिपॉजिट मोबिलाइजेशन: बैंक डिपॉजिट जुटाने के लिए क्या नई रणनीति अपना रहा है?
- मैनेजमेंट गाइडेंस: आने वाली तिमाहियों के लिए बैंक का डिमांड आउटलुक कैसा है?
देश का सबसे बड़ा बैंक होने के नाते, SBI का प्रदर्शन भारतीय अर्थव्यवस्था का एक आईना माना जाता है, इसलिए मैनेजमेंट की टिप्पणी शेयर की अगली चाल तय करेगी।
