क्या हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें?
बैंक के कर्मचारी संघ, ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF), ने 25 मई से शुरू होने वाली दो दिन की हड़ताल का ऐलान किया है। अगर यह हड़ताल होती है, तो बैंकिंग सेवाओं पर बड़ा असर पड़ सकता है। गौरतलब है कि इसके बाद 27 मई को ईद-उल-अजहा की छुट्टी भी है, जिससे कामकाज ठप रह सकता है।
नौकरी और पेंशन पर उठा सवाल
कर्मचारियों की सबसे बड़ी चिंता नई भर्तियों को लेकर है। संघ का कहना है कि पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों, संदेशवाहकों और सुरक्षा गार्डों की तत्काल भर्ती की जानी चाहिए। इसके अलावा, नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों के लिए पेंशन फंड मैनेजर (Pension Fund Manager) के विकल्प में बदलाव की भी मांग की गई है।
आउटसोर्सिंग और बोर्ड में प्रतिनिधित्व
संघ ने स्थायी नौकरियों के आउटसोर्सिंग को तुरंत बंद करने की भी मांग की है। उनका तर्क है कि इससे डेटा लीक, धोखाधड़ी और पहचान की चोरी जैसे बड़े खतरे पैदा हो सकते हैं, जो बैंक की साख को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
इसके साथ ही, AISBF ने बैंक के बोर्ड में 'वर्कमेन्स एम्प्लॉई डायरेक्टर' की नियुक्ति की भी मांग की है। संघ का कहना है कि यह उनका कानूनी हक है, जिसे लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
