क्यों बुलाई गई है हड़ताल?
SBI के कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। यूनियनों का कहना है कि बैंक प्रबंधन के साथ उनके बातचीत के रास्ते ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। कई बार हुए समझौते और पिछले सेटलमेंट को या तो ठीक से लागू नहीं किया गया है या फिर लागू ही नहीं किया गया है। इसी असंतोष के चलते अब 2 दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का फैसला लिया गया है।
मुख्य मांगें क्या हैं?
कर्मचारियों की 16 प्रमुख मांगों में सब-स्टाफ और सुरक्षा गार्डों की तत्काल भर्ती, ग्राहकों को बीमा उत्पादों की 'मिस-सेलिंग' (गलत तरीके से बेचना) बंद करना और बैकों में खाली पड़े हजारों पदों को तुरंत भरना शामिल है। यूनियन का मानना है कि इन कदमों से बैंक के कामकाज में सुधार होगा और ग्राहकों का भरोसा भी बना रहेगा।
राष्ट्रव्यापी विरोध का हिस्सा
यह हड़ताल इसी हफ्ते देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा है। इससे पहले कर्मचारी बैज पहनकर और लंच टाइम में प्रदर्शन कर चुके हैं। यूनियनों ने सांसदों और सरकारी अधिकारियों को भी अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा है। अब कैंडल मार्च जैसे कार्यक्रम भी होंगे, जिसके बाद 25 और 26 मई को SBI में राष्ट्रव्यापी हड़ताल होगी। 'वर्कमेन' कैटेगरी के कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल होंगे।