लोन ग्रोथ और नॉन-इंटरेस्ट इनकम का कमाल
SBI की इस जबरदस्त परफॉर्मेंस की मुख्य वजह लोन बुक में 15.14% का मजबूत इजाफा और नॉन-इंटरेस्ट इनकम में 15.65% की बढ़त रही, जो ₹8,404 करोड़ तक पहुंच गई। इसके अलावा, SBI म्यूच्यूअल फंड से मिले स्पेशल डिविडेंड ने भी बैंक के बॉटम लाइन को बड़ा बूस्ट दिया।
नेट इंटरेस्ट इनकम और मार्जिन पर एक नजर
बैंक की स्टैंडअलोन नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 9.04% का साल-दर-साल इजाफा हुआ, जो ₹45,190 करोड़ रहा। हालांकि, डोमेस्टिक नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में 0.03% की मामूली कमी आई और यह 3.12% पर आ गया। पूरे तिमाही का NIM 2.99% रहा। इन दबावों के बावजूद, डिपॉजिट ग्रोथ 9.02% पर हेल्दी बनी रही।
एसेट क्वालिटी में सुधार, कैपिटल भी मजबूत
SBI की एसेट क्वालिटी में भी सुधार देखने को मिला है। 31 दिसंबर, 2025 तक ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) रेश्यो पिछले क्वार्टर के 1.73% से घटकर 1.57% पर आ गया। फ्रेश स्लिपेज ₹4,458 करोड़ रहे, जो पिछले साल के ₹3,823 करोड़ से थोड़े ज्यादा हैं। बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (CAR) 14.04% बना हुआ है, जिसमें कोर कैपिटल बफर 10.99% है, जो बैंक की वित्तीय मजबूती को दर्शाता है।
डिजिटल मोर्चे पर भी SBI का जलवा
डिजिटल अपनाना SBI के लिए एक बड़ा ड्राइवर बना हुआ है। Q3 में 68% से ज्यादा सेविंग्स बैंक अकाउंट Yono प्लेटफॉर्म के जरिए खोले गए। पिछले नौ महीनों में लगभग 98.6% ट्रांजैक्शन ऑल्टरनेट चैनल्स से हुए, जो बैंक के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की सफलता को दिखाता है। SBI का टोटल बिजनेस ₹103 लाख करोड़ के पार निकल गया है, जिसमें डिपॉजिट ₹57 लाख करोड़ से ज्यादा और एडवांसेज ₹46 लाख करोड़ को पार कर गए।