State Bank of India (SBI) के शेयरों में आज करीब **2%** की तेजी देखी गई। कंपनी ने दूसरी तिमाही में **14.3%** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जिसे एक बड़े वन-टाइम गेन का सहारा मिला है। हालांकि, नोमुरा (Nomura) ने बढ़ते खर्चों का हवाला देते हुए टारगेट प्राइस को घटाकर **₹1,100** कर दिया है।
मुनाफे के पीछे का असली गणित
SBI ने दूसरी तिमाही में ₹23,038 करोड़ का नेट प्रॉफिट रिपोर्ट किया है। लेकिन इस शानदार आंकड़े के पीछे एक बड़ा कारण वन-टाइम गेन है। बैंक ने SBI Funds Management में अपनी हिस्सेदारी बेची, जिससे उसे ₹7,288 करोड़ का फायदा हुआ। यदि इस कमाई को हटा दें, तो बैंक का कोर ऑपरेटिंग प्रॉफिट साल-दर-साल आधार पर 1.4% गिरकर ₹26,937 करोड़ रह गया है, जो कि बढ़ते ऑपरेटिंग खर्चों की ओर इशारा करता है।
ब्रोकरेज का क्या है कहना?
नतीजों के बाद ब्रोकरेज हाउस Nomura ने स्टॉक पर 'न्यूट्रल' रेटिंग तो बरकरार रखी, लेकिन टारगेट प्राइस को ₹1,160 से घटाकर ₹1,100 कर दिया। विश्लेषकों के अनुसार, बैंक के ट्रेजरी डिवीजन में नुकसान और बढ़ते खर्च चिंता का विषय हैं। साथ ही, बैंकिंग सेक्टर में आने वाले Expected Credit Loss (ECL) फ्रेमवर्क को लेकर भी निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
एसेट क्वालिटी और ग्रोथ
राहत की बात यह है कि बैंक की एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार हो रहा है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) अनुपात पिछले साल के 1.73% से घटकर 1.39% पर आ गया है। इसके अलावा, नेट इंटरेस्ट इनकम भी 14.7% बढ़कर ₹49,143 करोड़ रही है। बैंक मैनेजमेंट ने फाइनेंशियल ईयर के लिए 14-15% क्रेडिट ग्रोथ और 10-11% डिपॉजिट ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। भविष्य में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या बैंक डिपॉजिट की कमी को पूरा कर पाता है या मार्जिन पर और दबाव देखने को मिलेगा।
