State Bank of India (SBI) अपने Q2 नतीजे 3 नवंबर, 2026 को जारी करने वाला है। एनालिस्ट्स को बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 11-13% की ग्रोथ की उम्मीद है। ₹976 के स्तर पर कारोबार कर रहे इस शेयर पर नॉन-कोर इनकम के चलते मुनाफे का अनुमान अलग-अलग है।
कोर बिजनेस में मजबूती
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI के नतीजों पर पूरी मार्केट की नजरें हैं। जानकारों का मानना है कि बैंक का कोर ऑपरेशंस मजबूत रहने वाला है। लोन की मांग और स्टेबल इंटरेस्ट रेट एनवायरनमेंट के बीच, नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में साल-दर-साल आधार पर 11% से 13% तक की बढ़त देखने को मिल सकती है। प्रभुदास लीलाधर और मोतीलाल ओसवाल जैसी प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों ने ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी अच्छी बढ़ोतरी का संकेत दिया है।
मुनाफे के आंकड़ों पर सस्पेंस
रेवेन्यू के अनुमान तो साफ हैं, लेकिन नेट प्रॉफिट के मोर्चे पर एक्सपर्ट्स के बीच राय बंटी हुई है। इसकी बड़ी वजह SBI Mutual Fund और National Stock Exchange जैसी सब्सिडियरीज में हिस्सेदारी बेचने से मिलने वाली 'नॉन-कोर इनकम' है। ये वन-टाइम गेन्स हैं, जिसके चलते फाइनल प्रॉफिट का आंकड़ा थोड़ा ऊपर-नीचे हो सकता है। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि हेडलाइन प्रॉफिट पर इन वन-ऑफ आइटम्स का असर दिख सकता है।
एसेट क्वालिटी और रिस्क
बैंक की एसेट क्वालिटी पर निवेशकों की पैनी नजर है। उम्मीद यही है कि क्रेडिट कॉस्ट और स्लिपेज कंट्रोल में रहेंगे। हालांकि, बैंकों के सामने टर्म डिपॉजिट्स को लेकर कॉम्पिटिशन और लो-कॉस्ट सेविंग्स अकाउंट बढ़ाने की चुनौती बनी हुई है।
इसके अलावा, नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में हल्की गिरावट की भी चर्चा है। नतीजों के बाद मैनेजमेंट की कमेंट्री यह तय करेगी कि आगे बैंक डिपॉजिट की इस लड़ाई को कैसे हैंडल करेगा और लोन ग्रोथ का रोडमैप क्या होगा। बैंक के नतीजे 3 नवंबर की शाम को घोषित किए जाएंगे।
