SBI का दमदार Q3: मुनाफा 24.49% बढ़ा, निवेशकों की झोली भरी!

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
SBI का दमदार Q3: मुनाफा 24.49% बढ़ा, निवेशकों की झोली भरी!
Overview

State Bank of India (SBI) ने Q3 FY26 में शानदार परफॉरमेंस का ऐलान किया है। बैंक का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर **24.49%** बढ़कर **₹21,028 करोड़** हो गया है। यह बढ़त मुख्य रूप से लोन की मजबूत ग्रोथ के कारण हुई है, लेकिन मार्जिन पर कुछ दबाव के संकेत भी मिले हैं।

मुनाफे में आई तूफानी तेजी, शेयरधारकों की बल्ले-बल्ले!

State Bank of India (SBI) ने दिसंबर तिमाही (Q3 FY26) में अपने नतीजे पेश करते हुए निवेशकों को खुश कर दिया है। बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 24.49% की जोरदार छलांग लगाकर ₹21,028 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल इसी तिमाही में यह मुनाफा ₹16,891 करोड़ था। बैंक के ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी 39.54% की शानदार वृद्धि देखी गई, जो ₹32,862 करोड़ रहा।

लोन ग्रोथ की रफ्तार, NII में इजाफा!

बैंक के लिए कमाई का मुख्य जरिया, यानी नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 9.04% का इजाफा हुआ है, जो अब ₹45,190 करोड़ पर पहुंच गया है। सबसे खास बात यह है कि बैंक के ओवरऑल एडवांसेज (लोन) 15.14% बढ़कर ₹46.83 लाख करोड़ हो गए हैं। घरेलू एडवांसेज में 15.44% की बढ़त देखी गई। रिटेल लोन ग्रोथ 16.51% के स्तर पर रही, जबकि SME एडवांसेज में 21.02% की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई। कुल डिपॉजिट्स में भी 9.02% का इजाफा हुआ और यह ₹57.01 ट्रिलियन तक पहुंच गए।

मार्जिन पर दबाव, सेक्टर से तुलना!

जहां एक ओर SBI के नतीजों से बैंक की ग्रोथ की कहानी साफ झलकती है, वहीं नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) को लेकर कुछ चिंताएं भी सामने आई हैं। बैंक का डोमेस्टिक NIM इस तिमाही में 3.12% रहा। इसकी तुलना में, इसी तिमाही में Axis Bank का डोमेस्टिक NIM 3.75% दर्ज किया गया था। यह दिखाता है कि बैंकिंग सेक्टर में मार्जिन पर थोड़ा दबाव बना हुआ है। हालांकि, SBI के लिए अच्छी खबर यह है कि इसका ग्रॉस एनपीए (GNPA) रेशियो घटकर 1.57% हो गया है, जो पब्लिक सेक्टर बैंकों के औसत 2.5% से काफी बेहतर है।

डिजिटल का जलवा और पिछली कहानी!

डिजिटल मोर्चे पर भी SBI लगातार आगे बढ़ रहा है। YONO प्लेटफॉर्म के जरिए 68% से ज्यादा सेविंग अकाउंट्स खोले गए हैं। यह भी गौरतलब है कि पिछले साल (Q3 FY25) के नतीजों के बाद SBI के शेयर में 1.79% की गिरावट आई थी, जो बताता है कि बाजार सिर्फ मुनाफे के नंबरों के अलावा अन्य कारकों पर भी गौर करता है।

वैल्यूएशन और भविष्य की चुनौतियां!

विश्लेषकों का मानना है कि प्रॉफ़िट में यह उछाल शानदार है, लेकिन NIM पर लगातर बना हुआ दबाव एक अहम चिंता का विषय है। डिपॉजिट ग्रोथ के मुकाबले लोन की बढ़त तेज़ रहने से लोन-टू-डिपॉजिट रेशियो बढ़ रहा है। ऐसे में, डिपॉजिट्स पर बढ़ती ब्याज दरें NIM को और प्रभावित कर सकती हैं। SBI का P/E रेश्यो 11.36 से 12.62 के बीच है, जो इसे सेक्टर के कुछ अन्य बैंकों के मुकाबले प्रीमियम पर रखता है। इसलिए, भविष्य में मार्जिन को बनाए रखना और ग्रोथ को जारी रखना इसके वैल्यूएशन को सपोर्ट करने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

आगे की राह: ग्रोथ की उम्मीदें बरकरार!

आगे चलकर, SBI को भारतीय बैंकिंग सेक्टर की मजबूत ग्रोथ का फायदा मिलने की उम्मीद है। प्रमुख ब्रोकरेज हाउस जैसे Jefferies, Nomura, Kotak, और Nuvama ने 'Buy' रेटिंग बनाए रखी है, क्योंकि उन्हें लोन ग्रोथ में तेजी जारी रहने की उम्मीद है। FY24 तक, SBI का मार्केट शेयर डिपॉजिट्स में लगभग 22.55% और एडवांसेज में 19.06% रहा है। डिजिटल पहलों पर लगातार ध्यान और रिटेल, SME, व कॉरपोरेट सेगमेंट में डाइवर्सिफाइड लेंडिंग, बैंक को आगे भी विस्तार करने का मजबूत आधार प्रदान करती है, बशर्ते कि वे बदलते ब्याज दर माहौल में मार्जिन को प्रभावी ढंग से मैनेज कर सकें।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.