SBI Share Price: रिकॉर्ड हाई के करीब SBI! CLSA का भरोसा, पर इन बातों का रखें ध्यान

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AuthorMehul Desai|Published at:
SBI Share Price: रिकॉर्ड हाई के करीब SBI! CLSA का भरोसा, पर इन बातों का रखें ध्यान
Overview

State Bank of India (SBI) के शेयर निवेशकों को मालामाल कर रहे हैं! पिछले कुछ समय में स्टॉक ने शानदार तेजी दिखाते हुए रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब **₹1,235** का स्तर छुआ है। कंपनी के तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे दमदार रहे, जिसने निवेशकों का भरोसा और बढ़ाया है।

CLSA का भरोसा और दमदार नतीजे

ब्रोकरेज फर्म CLSA ने State Bank of India (SBI) पर अपना 'Outperform' रेटिंग बरकरार रखा है और शेयर का टारगेट प्राइस ₹1,275 तय किया है। यह हालिया ट्रेडिंग स्तरों से करीब 6% की तेजी का संकेत देता है। CLSA का मानना है कि SBI में लंबे समय तक कंपाउंडिंग (compounding) की जबरदस्त क्षमता है। पिछले पांच सालों में बैंक ने इंडस्ट्री को पीछे छोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया है।

SBI के Q3 FY26 के नतीजे, जो फरवरी 2026 की शुरुआत में आए थे, बेहद शानदार रहे। बैंक ने ₹21,028 करोड़ का रिकॉर्ड स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 24.5% ज्यादा है। कंपनी के मैनेजमेंट ने FY26 के लिए क्रेडिट ग्रोथ (credit growth) के अनुमान को बढ़ाकर 13-15% कर दिया है। इन मजबूत नतीजों और बढ़ी हुई गाइडेंस (guidance) के दम पर स्टॉक 24 फरवरी 2026 को लगभग ₹1,234.8 के ऑल-टाइम हाई (all-time high) पर पहुंच गया।

बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income - NII) भी Q3 FY26 में 9.04% बढ़कर ₹45,190 करोड़ रही।

वैल्युएशन, सेक्टर ट्रेंड्स और ऐतिहासिक संदर्भ

SBI के शेयर में आई इस हालिया तेजी ने बड़े प्राइवेट बैंकों के मुकाबले इसके वैल्युएशन (valuation) गैप को कम कर दिया है। फरवरी 2026 तक, SBI का प्राइस-टू-बुक (Price-to-Book - P/B) मल्टीपल (multiple) करीब 2.41 हो गया है, जो एक साल पहले 1.35 था। यह HDFC Bank (2.69), ICICI Bank (2.92) और Kotak Mahindra Bank (2.49) जैसे बड़े प्राइवेट बैंकों के मुकाबले काफी कॉम्पिटिटिव (competitive) है, हालांकि Axis Bank (2.20) थोड़ा नीचे ट्रेड कर रहा है।

SBI का TTM (Trailing Twelve Months) P/E रेश्यो लगभग 13.05 है, जो ICICI Bank (18.48) और HDFC Bank (19.22) से कम है।

पूरे बैंकिंग सेक्टर में लोन ग्रोथ (loan growth) में तेजी देखी जा रही है। Q3 FY26 में क्रेडिट 13.4% की दर से बढ़ा, जबकि डिपॉजिट मोबिलाइजेशन (deposit mobilization) 10.0% पर रहा। इससे क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेश्यो (credit-to-deposit ratio) रिकॉर्ड 81.7% पर पहुंच गया है।

Nifty Bank इंडेक्स 23 फरवरी 2026 को लगभग 61,172.00 पर ट्रेड कर रहा था, जिसमें सेक्टर का P/E 16.5 था, जो निवेशकों के ऑप्टिमिज्म (optimism) को दर्शाता है। सरकारी बैंकों (Public Sector Banks - PSBs) जैसे SBI को सरकारी खर्च में बढ़ोतरी का फायदा मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो इसमें कुछ अस्थिरता (volatility) रही है। फरवरी 2025 में, एक एनालिस्ट के डाउनग्रेड (analyst downgrade) के बाद SBI का शेयर 52-हफ्ते के निचले स्तर पर आ गया था, जब sostenibilidad of return on assets पर चिंता जताई गई थी और टारगेट प्राइस ₹795 कर दिया गया था।

लिक्विडिटी, प्रतिस्पर्धा और री-रेटिंग की चिंताएं

बाजार में चल रहे बुलिश सेंटिमेंट (bullish sentiment) के बावजूद, कुछ ऐसे कारक हैं जिन पर ध्यान देने की जरूरत है। SBI का लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो (Liquidity Coverage Ratio - LCR) Q3 FY26 में घटकर 125% रह गया, जो Q2 में 144% था। इसका मुख्य कारण क्रेडिट ग्रोथ (15% YoY) का डिपॉजिट ग्रोथ (9% YoY) से आगे निकल जाना है।

हालांकि यह रेश्यो रेगुलेटरी न्यूनतम 100% से काफी ऊपर है, लेकिन यह ट्रेंड बताता है कि जैसे-जैसे क्रेडिट की मांग बढ़ रही है, लिक्विडिटी पर दबाव बढ़ रहा है। बैंकिंग सेक्टर को डिपॉजिट के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है, जिससे फंडिग कॉस्ट (funding cost) बढ़ सकती है।

इसके अलावा, SBI के P/B मल्टीपल में काफी री-रेटिंग (re-rating) हुई है; इसका मौजूदा 2.41 एक साल पहले के 1.35 के मुकाबले काफी ज्यादा है। यह दर्शाता है कि अपेक्षित ग्रोथ का एक बड़ा हिस्सा पहले ही प्राइस में शामिल हो चुका है।

जहां SBI की एसेट क्वालिटी (asset quality) मजबूत बनी हुई है, ग्रॉस एनपीए (Gross NPAs) दशकों के निचले स्तर 1.57% पर हैं, वहीं क्रेडिट और डिपॉजिट ग्रोथ के बीच बढ़ता अंतर मध्यम अवधि में नेट इंटरेस्ट मार्जिन (Net Interest Margins - NIMs) पर दबाव डाल सकता है, भले ही फिलहाल स्थिरता बनी हुई हो।

आगे का आउटलुक: एनालिस्ट्स का भरोसा

एनालिस्ट्स (analysts) का अनुमान काफी हद तक पॉजिटिव बना हुआ है। अधिकांश एनालिस्ट्स SBI पर 'Buy' रेटिंग की सलाह दे रहे हैं। ट्रैक किए जा रहे 49 एनालिस्ट्स में से 42 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं और सात 'Hold' की सलाह दे रहे हैं, कोई भी 'Sell' रेटिंग नहीं है।

कई ब्रोकरेज फर्मों ने ₹1,200 से ₹1,300 के बीच टारगेट प्राइस तय किए हैं। Motilal Oswal और PhillipCapital ने सबसे ऊंचे ₹1,300 के टारगेट दिए हैं। Axis Securities ने ₹1,280 के टारगेट प्राइस के साथ 'BUY' की सलाह बरकरार रखी है।

यह फॉरकास्ट (forecast) बताता है कि भले ही स्टॉक अपने ऑल-टाइम हाई के करीब ट्रेड कर रहा हो, लेकिन एनालिस्ट्स के अनुमानों के आधार पर बाजार, जारी बिजनेस मोमेंटम (business momentum), ऑपरेशनल एफिशिएंसी (operational efficiency) और मजबूत कैपिटल बेस (capital base) के दम पर आगे और तेजी की उम्मीद कर रहा है।

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