SBI Mutual Fund ने Adani Stocks में ₹5,747 करोड़ का निवेश कर रचा इतिहास!

BANKINGFINANCE
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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
SBI Mutual Fund ने Adani Stocks में ₹5,747 करोड़ का निवेश कर रचा इतिहास!
Overview

SBI Mutual Fund ने 5 जून 2026 को ब्लॉक डील्स के जरिए Adani Enterprises में **1.27%** और Adani Energy Solutions में **0.52%** हिस्सेदारी खरीदी है। GQG Partners ने यह हिस्सेदारी बेची है। यह सौदा Adani के इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स में मजबूत संस्थागत रुचि को दर्शाता है, खासकर हालिया रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय (Capex) घोषणाओं के बाद।

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संस्थागत निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ का संगम

5 जून 2026 को हुए ब्लॉक डील में SBI Mutual Fund ने GQG Partners Emerging Markets Equity Fund से Adani Enterprises के 1.64 करोड़ शेयर और Adani Energy Solutions के 63.65 लाख शेयर खरीदे। यह डील लगभग ₹4,790 करोड़ और ₹958 करोड़ की थी। इस बड़े सौदे से पता चलता है कि घरेलू संस्थागत निवेशकों के पास Adani के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए पर्याप्त पैसा है और वे विदेशी पूंजी को इन प्रोजेक्ट्स में लगा रहे हैं।

वैल्यूएशन और वॉल्यूम का कमाल

इस खबर के बीच Adani Enterprises के शेयर ₹3,058.70 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए। BSE पर ट्रेडिंग वॉल्यूम पिछले दो हफ्तों के औसत से 15 गुना ज्यादा रहा। यह तेजी ग्रुप के FY26 के रिकॉर्ड ₹1.55 लाख करोड़ के Capex और $100 बिलियन एनर्जी ट्रांजिशन के वादे के अनुरूप है। निवेशक कंपनी के 3.3x के नेट डेट-टू-EBITDA रेश्यो से भी खुश हैं, जो ग्रुप के गाइडेंस 3.5x से कम है। हालांकि IT और मेटल सेक्टर दबाव में थे, Adani स्टॉक्स में लगातार खरीदारी इंफ्रास्ट्रक्चर परफॉरमेंस और कैश फ्लो स्टेबिलिटी को दिखाती है।

विश्लेषकों की चिंताएं (Bear Case)

इतनी अच्छी चाल के बावजूद, संस्थागत निवेशक कुछ बाहरी जोखिमों को लेकर सतर्क हैं। Adani Group ने हाल ही में अमेरिकी प्रतिबंधों की जांच से समझौता किया है, लेकिन रिन्यूएबल एनर्जी ऑपरेशंस पर नई नियामक जांच की खबरों ने बाजार में उतार-चढ़ाव ला दिया है। कुछ विश्लेषकों का मानना ​​है कि शेयर का मौजूदा वैल्यूएशन, ग्रुप के आक्रामक विस्तार योजनाओं के मुकाबले थोड़ा ज्यादा है। साथ ही, लंबे समय तक चलने वाले प्रोजेक्ट्स के लिए भारी पूंजी की आवश्यकता होती है; अगर EBITDA ग्रोथ या कर्ज चुकाने की क्षमता में कोई भी गड़बड़ी होती है, तो संस्थागत निवेशक अपना पैसा निकाल सकते हैं।

आगे की राह और रणनीति

घरेलू फंड हाउस और GQG Partners जैसे विदेशी निवेशकों के बीच यह तालमेल भविष्य के संकेतों के लिए महत्वपूर्ण है। विश्लेषकों का कहना है कि ग्रुप का मुख्य फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर पर है, जो संस्थागत निवेश के लिए मुख्य आकर्षण बना रहेगा। कंपनी जल्द ही Navi Mumbai International Airport प्रोजेक्ट का दौरा भी आयोजित कर रही है। बाजार की नजर इस बात पर है कि ग्रुप अपनी कर्ज घटाने की रणनीति को बनाए रखते हुए एनर्जी और लॉजिस्टिक्स में अपनी ग्रोथ कैसे जारी रखता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.