SBI लॉकर में ₹50 लाख का चूना! ग्राहकों को RBI के नियम बताते हैं बैंक की ज़िम्मेदारी की हद

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
SBI लॉकर में ₹50 लाख का चूना! ग्राहकों को RBI के नियम बताते हैं बैंक की ज़िम्मेदारी की हद

कानपुर में एक SBI ग्राहक के लॉकर से ₹50 लाख के गहने गायब होने की खबर ने ग्राहकों को RBI की लायबिलिटी गाइडलाइन्स की याद दिला दी है। यह मामला बताता है कि बैंक की ज़िम्मेदारी लॉकर के सालाना किराए की सिर्फ 100 गुना तक सीमित है और बैंक लॉकर में रखी चीज़ों का बीमा नहीं करते।

क्या हुआ कानपुर में?

कानपुर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के एक ग्राहक ने अपने बैंक लॉकर से करीब ₹50 लाख के गहने और कीमती सामान गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। यह ग्राहक 2003 से लॉकर का इस्तेमाल कर रहा था। जब ग्राहक ने लॉकर खोला तो उसमें सामान गायब था। पुलिस ने बैंक स्टाफ के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और जांच चल रही है कि कहीं कोई अनधिकृत एक्सेस तो नहीं हुआ या सुरक्षा में कोई चूक हुई है।

RBI के नियम क्या कहते हैं?

यह घटना सभी बैंक लॉकर ग्राहकों के लिए एक बड़ी चेतावनी है। दरअसल, बैंक लॉकर बैंक डिपॉजिट की तरह इंश्योर्ड (insured) नहीं होते। बैंक सिर्फ तिजोरी की सुरक्षा के लिए ज़िम्मेदार हैं, लेकिन अंदर रखे सामान की लिस्ट या उसका बीमा वे नहीं करते।

RBI के नियमों के मुताबिक, चोरी, डकैती या कर्मचारियों की धोखाधड़ी से होने वाले नुकसान में बैंक की ज़िम्मेदारी सिर्फ लॉकर के सालाना किराए की 100 गुना तक ही सीमित है। उदाहरण के लिए, अगर किसी ग्राहक ने सालाना ₹3,000 का किराया दिया है, तो बैंक की अधिकतम लायबिलिटी सिर्फ ₹3 लाख होगी। यह सीमा, ग्राहक के कीमती सामान की असली कीमत और संभावित मुआवजे के बीच एक बड़ा फासला पैदा करती है।

ग्राहक के लिए क्या है ज़रूरी?

बैंक लॉकर में रखी चीज़ों को साबित करना ग्राहक के लिए मुश्किल हो सकता है, क्योंकि बैंक उसकी लिस्ट नहीं रखते। ऐसे में, जानकारों का सुझाव है कि ग्राहकों को कीमती सामानों के बिल, फोटो और वैल्यूएशन सर्टिफिकेट जैसी चीज़ों का रिकॉर्ड रखना चाहिए। इन दस्तावेज़ों को लॉकर के बाहर रखना फायदेमंद हो सकता है।

बड़े बैंकों जैसे SBI के लिए, ऐसी घटनाएं ऑपरेशनल रिस्क का हिस्सा मानी जाती हैं, न कि कोई बड़ा वित्तीय खतरा। कानपुर में चल रही जांच का नतीजा आगे चलकर यह तय कर सकता है कि बैंक की ज़िम्मेदारी कितनी होगी और मौजूदा सुरक्षा प्रोटोकॉल कैसे लागू होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.