IRDAI ने एक्सपेंस-ऑफ-मैनेजमेंट की लिमिट घटाकर **12.5%** करने का प्रस्ताव रखा है। इस खबर के बीच SBI Life Insurance अपने कम लागत वाले बिजनेस मॉडल के कारण अन्य बीमा कंपनियों के मुकाबले ज्यादा मजबूत नजर आ रही है।
बीमा सेक्टर के लिए सितंबर 2026 के अंत में आए IRDAI के एक कंसल्टेशन पेपर ने हलचल बढ़ा दी है। रेगुलेटर ने लाइफ इंश्योरर्स के लिए एक्सपेंस-ऑफ-मैनेजमेंट (EoM) की सीमा को 5 साल के भीतर 12.5% तक लाने का प्रस्ताव दिया है। इसका मुख्य मकसद बीमा वितरण की लागत को कम करना है।
SBI Life का पलड़ा भारी क्यों?
ब्रोकरेज रिपोर्ट्स की मानें तो SBI Life Insurance इस बदलाव को झेलने के लिए सबसे बेहतर स्थिति में है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का एक्सपेंस रेशियो पहले से ही 10.6% के करीब है, जो प्रस्तावित 12.5% की लिमिट से काफी कम है। इसका मतलब है कि कंपनी को अपने खर्चों में कोई बड़ा बदलाव या रिस्ट्रक्चरिंग नहीं करनी पड़ेगी।
क्या HDFC Life और Max Life के लिए मुश्किलें बढ़ेंगी?
इसके विपरीत, HDFC Life और Max Life जैसी कंपनियों के सामने चुनौतियां हो सकती हैं। इन कंपनियों का बिजनेस मॉडल और डिस्ट्रिब्यूशन चैनल अलग रहा है, जिससे उन्हें नई रेगुलेटरी लिमिट्स के दायरे में आने के लिए खर्चों में कटौती करनी पड़ सकती है। इसके अलावा, कमीशन पर कैप लगाने से उन कंपनियों पर दबाव बढ़ेगा जो थर्ड-पार्टी डिस्ट्रिब्यूशन पर ज्यादा निर्भर हैं।
निवेशकों के लिए अहम तारीख
24 सितंबर 2026 को यह प्रस्ताव आने के बाद से ही इंश्योरेंस स्टॉक्स में बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। निवेशक अब 25 अक्टूबर 2026 की डेडलाइन का इंतजार कर रहे हैं, जो इस ड्राफ्ट पर पब्लिक कमेंट्स देने की अंतिम तारीख है। बाजार अभी यह देख रहा है कि बीमा कंपनियां अपनी ग्रोथ और मार्जिन के बीच कैसे संतुलन बनाए रखती हैं।
