State Bank of India के जन धन खातों में औसत बैलेंस बढ़कर **₹5,000** के स्तर पर पहुंच गया है। यह वित्तीय समावेश के लिए अच्छी खबर है, लेकिन 2027 से लागू होने वाले RBI के नए मुआवजे नियमों के बीच बैंक के सामने डिजिटल फ्रॉड से निपटने की बड़ी चुनौती है।
वित्तीय भागीदारी का विस्तार
State Bank of India (SBI) ने जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के खातों में अब औसत बैलेंस लगभग ₹5,000 हो गया है। यह आंकड़ा बताता है कि ग्रामीण और छोटे शहरों के ग्राहक अब सिर्फ सरकारी लाभ लेने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इन खातों का इस्तेमाल बचत, इंश्योरेंस और पेंशन के लिए कर रहे हैं। वर्तमान में, देश के कुल PMJDY खातों में 30% हिस्सेदारी अकेले SBI की है। बैंक अब इन ग्राहकों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) और अटल पेंशन योजना (APY) जैसे फॉर्मल फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स से जोड़ने पर जोर दे रहा है।
डिजिटल फ्रॉड और RBI की नई गाइडलाइन
डिजिटल ट्रांजैक्शन बढ़ने के साथ ही बैंकिंग सेक्टर में फ्रॉड का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। ग्राहकों का भरोसा बनाए रखने के लिए अब तेज शिकायत निवारण जरूरी हो गया है। इसे देखते हुए Reserve Bank of India (RBI) ने एक नया मुआवजा ढांचा तैयार किया है, जो 1 जनवरी 2027 से लागू होगा।
नए नियमों के तहत, अगर किसी ग्राहक के साथ डिजिटल फ्रॉड होता है और नुकसान ₹50,000 से कम है, तो बैंक को ₹25,000 तक का मुआवजा देना होगा। हालांकि, इस लाभ के लिए ग्राहक को फ्रॉड के 5 दिनों के भीतर बैंक और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (1930) पर शिकायत दर्ज करानी होगी। यह सुविधा ग्राहक को जीवन में केवल एक बार मिलेगी।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
11 सितंबर 2026 को SBI का शेयर लगभग ₹998 पर बंद हुआ। निवेशकों के लिए देखने वाली बात यह होगी कि बैंक इतने बड़े स्तर पर ग्रामीण बैंकिंग को कैसे मैनेज करता है और नए फ्रॉड मुआवजे के नियमों से उसकी लायबिलिटी पर कितना असर पड़ता है।
