त्योहारी सीजन 2026 की शुरुआत के साथ ही SBI, ICICI Bank और Axis Bank ने Amazon और Flipkart के साथ हाथ मिलाया है। ये बैंक अब ग्राहकों को भारी कार्ड डिस्काउंट देकर रिटेल क्रेडिट को रफ्तार देने की कोशिश में हैं।
भारत में त्योहारी सीजन की शुरुआत 8 अक्टूबर 2026 से होने जा रही है, जहां Amazon का 'ग्रेट इंडियन फेस्टिवल' और Flipkart के 'बिग बिलियन डेज' धूम मचाने के लिए तैयार हैं। इस बार बैंकों ने ग्राहकों को लुभाने के लिए आक्रामक रणनीति अपनाई है। SBI जहां Amazon के साथ खड़ा है, वहीं ICICI Bank और Axis Bank ने Flipkart के साथ पार्टनरशिप की है, ताकि कार्डधारकों को इंस्टेंट डिस्काउंट दिया जा सके।
क्रेडिट ग्रोथ की चुनौती
साल 2026 में बैंकिंग सेक्टर में क्रेडिट ग्रोथ की रफ्तार थोड़ी धीमी रही है। ऐसे में इन बैंकों के लिए फेस्टिव सेल एक बड़ा मौका है। ईएमआई (EMI) इंसेंटिव और डिस्काउंट के जरिए बैंक अपने रिटेल लोन बुक को बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक क्रेडिट कार्ड की पहुंच बनाने की जुगत में हैं।
मार्जिन और मुनाफे का गणित
यह रणनीति जितनी लुभावनी है, उतनी ही चुनौतीपूर्ण भी। 10% का इंस्टेंट डिस्काउंट और कैशबैक देने से बैंक के मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है। निवेशकों के लिए सबसे अहम यह देखना होगा कि क्या इन ऑफर्स से होने वाली कमाई, मार्केटिंग और ऑपरेशनल खर्चों को कवर कर पाएगी या नहीं। Net Interest Margins (NIMs) पर इसका असर आने वाली तिमाहियों में साफ नजर आएगा।
बढ़ता कर्ज का रिस्क
त्योहारी सेल के दौरान 'Buy Now, Pay Later' (BNPL) और ईएमआई के विकल्पों की भरमार होती है। अगर उपभोक्ता अपनी क्षमता से ज्यादा कर्ज लेते हैं, तो बैंकों के पोर्टफोलियो में स्ट्रेस बढ़ सकता है। रिस्क मैनेजमेंट के लिहाज से बैंक यह देख रहे हैं कि फेस्टिव सीजन के ये खरीदार भविष्य में कितने भरोसेमंद उधारकर्ता साबित होंगे। शेयरधारकों को सलाह है कि वे आगामी तिमाही नतीजों में रिटेल क्रेडिट सेगमेंट की ग्रोथ और नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स के आंकड़ों पर पैनी नजर रखें।
