SBI Funds Management अगले तीन सालों में अपने इंटरनेशनल एसेट्स (International Assets) को दोगुना कर $5 अरब तक पहुंचाने की योजना बना रहा है। साथ ही, कंपनी प्राइवेट क्रेडिट (Private Credit) और GIFT City में अपनी पेशकश का विस्तार करेगी। इस रणनीति का मकसद घरेलू म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) से इतर कमाई के स्रोतों को बढ़ाना है।
इंटरनेशनल एसेट्स को दोगुना करने का लक्ष्य
एसेट्स के मामले में भारत की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (Asset Management Company), SBI Funds Management, अब अपने ग्रोथ मॉडल को और विविधतापूर्ण बनाने की ओर बढ़ रही है। कंपनी ने अगले तीन सालों में अपने इंटरनेशनल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) को मौजूदा $2.5 अरब से बढ़ाकर $5 अरब करने का लक्ष्य रखा है। इस इंटरनेशनल विस्तार में फ्रांस की एसेट मैनेजमेंट कंपनी Amundi के साथ चल रहा सहयोग अहम भूमिका निभाएगा।
GIFT City में बढ़ाएंगे कारोबार
इंटरनेशनल महत्वाकांक्षाओं के अलावा, फंड हाउस भारत के गिफ्ट सिटी (GIFT City) स्थित इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (IFSC) में अपने ऑपरेशंस को बढ़ा रहा है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि गिफ्ट सिटी में फिलहाल कारोबार बहुत ज्यादा बड़ा नहीं है, लेकिन इसे एक लंबे समय के ग्रोथ इंजन के तौर पर देखा जा रहा है। मैनेजमेंट का मानना है कि भारत का डोमेस्टिक म्यूचुअल फंड उद्योग डिजिटल इन्वेस्टमेंट के मामले में काफी आगे है, लेकिन इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट प्रोसेस अभी भी जटिल है। जैसे-जैसे गिफ्ट सिटी का इकोसिस्टम परिपक्व होगा और प्रक्रियाएं आसान होंगी, कंपनी क्रॉस-बॉर्डर इन्वेस्टमेंट फ्लो का बड़ा हिस्सा हासिल करने की उम्मीद करती है।
प्राइवेट क्रेडिट और अल्टरनेटिव एसेट्स पर फोकस
विविधता लाने के लिए, SBI MF अपने अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (AIF) प्लेटफॉर्म को प्राथमिकता दे रहा है। इस विस्तार का एक बड़ा हिस्सा प्राइवेट क्रेडिट है, जहां कंपनी को लगता है कि उसके मौजूदा पैमाने से उसे फायदा मिलेगा। लगभग ₹16.5 ट्रिलियन की फिक्स्ड-इनकम फ्रेंचाइजी के साथ, कंपनी के पास कॉर्पोरेट इश्यूअर्स के साथ गहरे संबंध हैं, जिनका उपयोग वह अपने प्राइवेट डेट पहलों के लिए करना चाहती है। यह कदम हाल ही में बंद हुए एक प्राइवेट डेट स्पेशल सिचुएशंस फंड की सफलता के बाद उठाया जा रहा है, जिसने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया था।
रणनीति और कार्यान्वयन
कंपनी इन नई बिजनेस लाइन्स को बढ़ाने के लिए कई रास्ते तलाश रही है, जिसमें अपनी टीम का विस्तार, स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप और को-इन्वेस्टमेंट मॉडल शामिल हैं। इसके अलावा, कंपनी ने निवेशकों को विदेशी एक्सपोजर (Overseas Exposure) देने के लिए नए फंड ऑफ फंड्स (Funds of Funds) लॉन्च करना शुरू कर दिया है और तीन से चार और इंटरनेशनल प्रोडक्ट आइडियाज पर विचार कर रही है। प्राइवेट इक्विटी (Private Equity) और प्राइवेट क्रेडिट में कदम रखकर, कंपनी पारंपरिक डोमेस्टिक म्यूचुअल फंड्स की साइक्लिकल नेचर पर अपनी निर्भरता कम करने की कोशिश कर रही है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों को इंटरनेशनल निवेश की जटिलताओं को संभालने में कंपनी की क्षमता और प्राइवेट क्रेडिट मार्केट में उसके एग्जीक्यूशन की स्पीड पर नजर रखनी चाहिए। इन नए, नॉन-ट्रेडिशनल सेगमेंट्स में AUM की ग्रोथ और क्या ये पहलें मुख्य म्यूचुअल फंड बिजनेस के प्रॉफिटेबिलिटी लेवल को बनाए रख पाएंगी, यह मुख्य देखने लायक बातें होंगी। जैसे-जैसे फर्म अपने AIF प्लेटफॉर्म को बढ़ाएगा, इन कैपिटल-इंटेंसिव, कम लिक्विड निवेशों का कुल फी स्ट्रक्चर और ऑपरेशनल कॉस्ट पर पड़ने वाला प्रभाव भविष्य के एनुअल डिस्क्लोजर्स में देखना महत्वपूर्ण होगा।
