SBI Funds Management के आने वाले IPO से पहले, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपनी एसेट मैनेजमेंट कंपनी में **1.42%** हिस्सेदारी बेचकर **₹1,655 करोड़** जुटाए हैं। यह प्री-IPO प्लेसमेंट **₹574** प्रति शेयर के भाव पर हुआ, जिसमें **30** संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) ने हिस्सा लिया।
IPO से पहले बड़ा दांव
SBI ने अपनी सब्सिडियरी SBI Funds Management की 1.42% हिस्सेदारी को ₹1,655 करोड़ में बेचा है। इस डील में कुल 2.88 करोड़ शेयर 30 बड़े निवेशकों को बेचे गए हैं, जिनमें Tata AIG General Insurance और Go Digit General Insurance जैसी कंपनियां शामिल हैं। शेयर का भाव ₹574 रखा गया, जो कि कंपनी के आगामी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के प्राइस बैंड का ऊपरी स्तर है।
कंपनी का वैल्यूएशन और IPO प्लान
इस प्री-IPO सेल से SBI Funds Management का वैल्यूएशन लगभग ₹1.17 लाख करोड़ तय हो गया है। SBI और फ्रेंच फर्म Amundi के जॉइंट वेंचर वाली यह कंपनी 14 जुलाई को अपना IPO लॉन्च करने जा रही है। इस IPO के जरिए कंपनी करीब $1.22 बिलियन (लगभग ₹10,000 करोड़) जुटाने का लक्ष्य रखती है। IPO में आवेदन 14 जुलाई से 17 जुलाई तक किए जा सकेंगे और शेयरों की लिस्टिंग 21 जुलाई को होने की उम्मीद है।
ऑफर-फॉर-सेल (OFS) का मतलब
यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह IPO एक 'प्योर ऑफर-फॉर-सेल' (Offer-for-Sale) है। इसका मतलब है कि IPO से जुटाई गई रकम सीधे SBI और Amundi India Holding जैसे मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगी, न कि कंपनी के बिजनेस विस्तार के लिए। भारत का एसेट मैनेजमेंट सेक्टर काफी कॉम्पिटिटिव है, इसलिए कंपनी की मार्केट में अपनी पकड़ बनाए रखने की क्षमता अहम होगी। हालांकि, ₹574 के भाव पर संस्थागत निवेशकों का भरोसा दिखाता है, लेकिन बाजार में कंपनी की असली परीक्षा लिस्टिंग के बाद ही होगी।
