SBI Funds Management (SBI MF) जल्द ही अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) ला सकती है, जिसका साइज़ करीब ₹10,000 करोड़ यानी $1.2 बिलियन डॉलर हो सकता है। इस IPO के ज़रिए प्रमोटर SBI और Amundi अपनी 10% हिस्सेदारी बेचेंगे।
SBI Funds Management का मेगा IPO प्लान
भारत की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी, SBI Funds Management (SBI MF) ने अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने की तैयारी तेज कर दी है। कंपनी का लक्ष्य इस IPO से करीब $1.2 बिलियन डॉलर, यानी लगभग ₹10,000 करोड़ जुटाना है। यह IPO स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और यूरोपियन एसेट मैनेजर Amundi के ज्वाइंट वेंचर के लिए एक अहम कदम है। इस इश्यू के ज़रिए, प्रमोटर SBI और Amundi मिलकर अपनी 10% हिस्सेदारी बेचेंगे। अगर यह IPO $1.2 बिलियन डॉलर के लक्ष्य के हिसाब से सफल होता है, तो कंपनी का वैल्यूएशन लगभग $12.3 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।
बड़े निवेशकों की दिलचस्पी और रिटेल फोकस
इस आने वाले IPO में कई बड़े सॉवरेन वेल्थ फंड्स (Sovereign Wealth Funds) जैसे कि अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (Abu Dhabi Investment Authority) और सिंगापुर की GIC ने दिलचस्पी दिखाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन बड़े निवेशकों से मिला शुरुआती रिस्पांस, इस कैटेगरी के लिए अलॉट किए गए शेयरों से 5 गुना ज़्यादा है। हालांकि, भारी संस्थागत मांग के बावजूद, SBI MF ने कुल इश्यू का 50% हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित रखने का फैसला किया है, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा आम निवेशक इस इश्यू में भाग ले सकें।
बाज़ार का माहौल और आने वाले IPOs
यह IPO ऐसे समय में आ रहा है जब इंडियन प्राइमरी मार्केट (Primary Market) में तेजी की उम्मीद की जा रही है। साल 2025 में पब्लिक इश्यूज़ से कंपनियों ने $21.8 बिलियन डॉलर जुटाए थे, लेकिन 2026 की पहली छमाही में यह आंकड़ा घटकर करीब $3.8 बिलियन डॉलर रहा। SBI Funds Management के IPO की सफलता को बाज़ार के सेंटिमेंट (Market Sentiment) के लिए एक बड़ा टेस्ट माना जा रहा है। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि Reliance Jio और National Stock Exchange जैसी बड़ी कंपनियां भी इसी साल अपने IPO लाने की तैयारी में हैं।
पूरे साल इक्विटी मार्केट (Equity Market) में ग्लोबल इकोनॉमिक अनिश्चितताओं (Global Economic Uncertainties) के चलते बिकवाली का दबाव देखा गया है। ऐसे में, SBI MF के IPO के साथ-साथ Manipal Health Enterprises और Indo-MIM जैसी बड़ी लिस्टिंग का प्रदर्शन, बाज़ार पर नज़र रखने वालों के लिए यह संकेत देगा कि क्या भारतीय इक्विटीज़ में विदेशी और घरेलू निवेशकों की रुचि बढ़ रही है।
निवेशकों के लिए, IPO की फाइनल प्राइसिंग, सब्सक्रिप्शन के दौरान मिलने वाला रिस्पांस और कंपनी का डोमेस्टिक एसेट मैनेजमेंट सेक्टर में अपनी लीड बनाए रखना, ये सब अहम होगा। अगले हफ्ते लॉन्च होने की उम्मीद के साथ, इस IPO का नतीजा 2026 की दूसरी छमाही में आने वाले पब्लिक ऑफर्स की गति को तय कर सकता है।
