SBI Funds Management के निवेशकों के लिए सोमवार का दिन काफी निराशाजनक रहा। कंपनी के दूसरी तिमाही के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे, जिसके चलते शेयर **7%** की गिरावट के साथ **₹433.55** के अब तक के निचले स्तर पर पहुंच गया।
मुनाफे में गिरावट और बढ़ते खर्च
कंपनी ने दूसरी तिमाही में ₹701 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 6% कम है। यह आंकड़ा एनालिस्ट्स के ₹766 करोड़ के अनुमान से काफी पीछे रहा। प्रॉफिट घटने की सबसे बड़ी वजह कंपनी के ऑपरेटिंग खर्चों में 24.3% की भारी बढ़ोतरी है। इस गिरावट के बाद स्टॉक अब अपने इश्यू प्राइस ₹574 से करीब 24% नीचे ट्रेड कर रहा है।
मार्केट शेयर की चुनौती
मुनाफे के अलावा कंपनी की ग्रोथ पर भी सवाल उठ रहे हैं। सितंबर तिमाही में कंपनी की इक्विटी एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 5.6% की ग्रोथ हुई, जबकि पूरी म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री 6.6% की रफ्तार से आगे बढ़ी। इसका सीधा असर कंपनी के मार्केट शेयर पर पड़ा है, जो 12 आधार अंक (bps) घटकर 12.53% रह गया है। साथ ही, नए SIP एडिशन में कंपनी की हिस्सेदारी 10.6% से गिरकर 9.94% पर आ गई है।
ब्रोकरेज की क्या है राय?
हालाँकि शॉर्ट टर्म में दबाव है, लेकिन कुछ ब्रोकरेज हाउस कंपनी के भविष्य को लेकर अभी भी सकारात्मक हैं। State Bank of India और Amundi की जॉइंट वेंचर वाली इस कंपनी के लिए Equirus Securities ने 'Long' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹540 तय किया है। वहीं, Motilal Oswal Financial Services ने इसे 'Buy' रेटिंग देते हुए ₹590 का टारगेट दिया है। दिन के मध्य तक NSE और BSE पर कुल 2.52 मिलियन शेयरों में ट्रेडिंग देखी गई। अब निवेशकों की नजर कंपनी के बढ़ते खर्चों पर लगाम लगाने और मार्केट शेयर को स्थिर करने की क्षमता पर टिकी है।
