भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने केरल राज्य के लिए जूनियर एसोसिएट भर्ती में शून्य पद घोषित किए हैं, जिसके बाद राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटस ने बैंक के चेयरमैन को चिट्ठी लिखी है। यह पिछली भर्तियों से बिल्कुल अलग है और इससे भर्ती की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
केरल में SBI की भर्ती पर भारी विवाद
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) एक बार फिर विवादों में घिर गया है। इस बार मामला है बैंक की 2026 की जूनियर एसोसिएट (ग्राहक सहायता और बिक्री) की भर्ती का, जिसमें केरल राज्य के लिए एक भी पद (vacancy) नहीं निकाला गया है। इस फैसले के खिलाफ राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटस ने SBI के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी को 17 अगस्त, 2026 को एक खत लिखा है।
क्या है पूरा मामला?
11 अगस्त, 2026 को जारी की गई SBI की नोटिफिकेशन के अनुसार, पूरे भारत में 7,680 रेगुलर पद भरे जाने हैं। लेकिन, केरल के लिए शून्य पद होने से लोगों में काफी नाराजगी है। पुरानी भर्तियों पर नज़र डालें तो स्थिति बिल्कुल उलट है। साल 2024 में केरल के लिए 426 पद थे, और उससे पिछली भर्ती में 247 पद खाली थे। अचानक सैकड़ों पदों से सीधे शून्य पर आ जाना, सांसद ब्रिटस के मुताबिक, कोई मामूली बदलाव नहीं है।
सिर्फ SBI ही नहीं, IBPS भी निशाने पर
चिंता सिर्फ SBI तक ही सीमित नहीं है। सांसद ब्रिटस ने यह भी बताया कि इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सिलेक्शन (IBPS) द्वारा निकाली गई कस्टमर सर्विस एसोसिएट की भर्ती में भी केरल के लिए 11,403 पदों में से केवल 108 पद ही रखे गए हैं। राज्य में भर्ती के अवसरों में इस तरह की भारी कमी ने प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
यह भर्ती प्रक्रिया, भले ही मानव संसाधन और जन नीति से जुड़ी हो, बैंक की प्रतिष्ठा के लिए जोखिम पैदा करती है। अगर बैंक पर सार्वजनिक या प्रशासनिक दबाव बढ़ता है, तो उसे वैकेंसी लिस्ट में सुधार या कोई सप्लीमेंट्री नोटिफिकेशन जारी करना पड़ सकता है। इससे भर्ती की समय-सीमा पर असर पड़ेगा, जो 31 अगस्त, 2026 तक आवेदन प्रक्रिया पूरी करने वाली है।
17 अगस्त, 2026 को SBI के शेयर में गिरावट देखी गई। शेयर लगभग 1.16% की कमजोरी के साथ ₹1,055.40 पर बंद हुआ। हालांकि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के कई कारण होते हैं, लेकिन निवेशक ऐसे गवर्नेंस मुद्दों और अप्रत्याशित बदलावों पर नजर रखते हैं, जिनसे देरी या अतिरिक्त अनुपालन की आवश्यकता पड़ सकती है।
आगे क्या?
निवेशकों और हितधारकों के लिए मुख्य बात यह होगी कि क्या बैंक इस मामले पर कोई स्पष्टीकरण जारी करता है या अपनी वैकेंसी लिस्ट को अपडेट करता है। प्रबंधन की ओर से भर्ती पद्धति या पदों की संख्या में संभावित बदलाव को लेकर कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया अगले महत्वपूर्ण अपडेट के रूप में देखी जाएगी।
