SBI ATM Rules: सैलरी अकाउंट वालों को झटका, अब दूसरे बैंकों के ATM इस्तेमाल करने की सीमा घटी

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
SBI ATM Rules: सैलरी अकाउंट वालों को झटका, अब दूसरे बैंकों के ATM इस्तेमाल करने की सीमा घटी

1 अक्टूबर, 2026 से State Bank of India अपने Salary Package Account होल्डर्स के लिए दूसरे बैंकों के ATM पर फ्री ट्रांजेक्शन की लिमिट को 10 से घटाकर 5 कर रहा है।

नियम में बड़ा बदलाव

State Bank of India ने अपने Salary Package Account होल्डर्स के लिए ATM और Automated Deposit cum Withdrawal Machine (ADWM) के इस्तेमाल को लेकर नई गाइडलाइन्स जारी की हैं। अब 1 अक्टूबर, 2026 से दूसरे बैंकों के ATM पर आप महीने में सिर्फ 5 बार ही फ्री ट्रांजेक्शन कर पाएंगे। इस लिमिट में फाइनेंशियल (जैसे कैश विड्रॉल) और नॉन-फाइनेंशियल (जैसे बैलेंस चेक) दोनों ट्रांजेक्शन शामिल होंगे।

क्यों लिया गया फैसला?

बैंक का स्पष्ट संदेश है कि ग्राहक अपने खुद के नेटवर्क के ATM का ज्यादा इस्तेमाल करें। ध्यान दें कि SBI के अपने ATM नेटवर्क पर इन ग्राहकों के लिए ट्रांजेक्शन अब भी अनलिमिटेड और फ्री रहेंगे। इसका सीधा मतलब है कि बैंक अपने इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतर इस्तेमाल करना चाहता है और दूसरे बैंकों के साथ होने वाली इंटरचेंज फीस को कम करने की कोशिश में है।

क्या चार्ज बढ़े हैं?

सबसे जरूरी बात यह है कि फ्री लिमिट खत्म होने के बाद लगने वाले चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अगर आप लिमिट पार करते हैं, तो कैश विड्रॉल पर ₹23 + GST और नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन पर ₹11 + GST का शुल्क पहले की तरह ही लागू रहेगा।

निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं?

यह एक ऑपरेशनल बदलाव है जो बैंक के कॉस्ट मैनेजमेंट और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दर्शाता है। ATM का मेंटेनेंस और सिक्योरिटी एक बड़ा खर्च है, जिसे कम करने के लिए बैंक ऐसे कदम उठा रहा है। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग की बढ़ती पहुंच के कारण नकदी की निकासी में वैसे भी गिरावट आ रही है, जिससे बैंक का खर्च आने वाले क्वार्टर में और कम हो सकता है। यह कदम बैंक के लॉन्ग-टर्म मार्जिन्स और 'कॉस्ट-टू-इनकम' रेश्यो के लिए एक छोटा लेकिन सकारात्मक संकेत है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.