पूरे साल का प्रदर्शन
पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY24) के लिए, SBI Cards का नेट प्रॉफिट 13% बढ़कर ₹2,167 करोड़ रहा।
तिमाही नतीजों की मुख्य बातें
तिमाही नतीजों में, कुल आय (₹5,187 करोड़) में अच्छी ग्रोथ और फाइनेंसियल खर्चों में कमी आने के कारण नेट प्रॉफिट में 14% का इजाफा हुआ।
एसेट क्वालिटी में गजब का सुधार
कंपनी की एसेट क्वालिटी में गजब का सुधार देखने को मिला। ग्रॉस स्टेज 3 एसेट्स पिछले क्वार्टर के 2.86% से घटकर 2.41% पर आ गए। नेट स्टेज 3 रेशियो भी सुधरकर 1.04% हो गया। साल-दर-साल आधार पर, ग्रॉस एनपीए 3.08% से और नेट एनपीए 1.46% से सुधरे हैं।
इनवेस्टमेंट से बढ़ी ऑपरेटिंग कॉस्ट
दूसरी ओर, बिजनेस बढ़ाने और नए ग्राहक जोड़ने पर हुए इनवेस्टमेंट के कारण ऑपरेटिंग कॉस्ट्स में 23% की बड़ी बढ़ोतरी हुई, जो ₹2,561 करोड़ तक पहुंच गई। हालांकि, इम्पेयरमेंट लॉसेस और बैड डेट एक्सपेंस में 12% की कमी ने इस बढ़ोतरी के असर को कुछ हद तक कम किया।
कार्ड खर्च बढ़ा, नए ग्राहक घटे
कार्ड स्पेंडिंग यानी ग्राहकों द्वारा कार्ड से किए गए कुल खर्च में 31% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो ₹1,15,350 करोड़ रही। एक्टिव कार्ड्स की संख्या 6% बढ़कर 2.21 करोड़ हो गई। लेकिन, नए ग्राहक जोड़ने की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ गई, जो पिछले साल के 11 लाख के मुकाबले घटकर 9.17 लाख रह गई।
मजबूत कैपिटल पोजीशन
SBI Cards की फाइनेंशियल पोजीशन काफी मजबूत है। कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 25.5% और टियर-1 कैपिटल 20% पर है, जो रेगुलेटरी जरूरतों से काफी ऊपर हैं।
शेयर बाजार की प्रतिक्रिया
बाजार में शेयर का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। सोमवार को NSE पर SBI Cards के शेयर 1% से अधिक की गिरावट के साथ ₹670 पर बंद हुए। पिछले एक साल में स्टॉक 22% से ज्यादा गिर चुका है और मार्केट के बाकी शेयरों से पिछड़ गया है।
