SBI Cards and Payment Services ने अपने ग्राहकों के लिए नए नियमों का ऐलान किया है। 1 दिसंबर, 2026 से फ्यूल और ट्रांसपोर्ट पर **1%** का सरचार्ज लागू होगा, जो मुख्य रूप से बड़े खर्च करने वाले कार्डधारकों को प्रभावित करेगा।
SBI Cards and Payment Services ने अपने फीस स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव किया है, जो 1 दिसंबर, 2026 से प्रभावी होगा। कंपनी का उद्देश्य उन सेगमेंट में अपने मार्जिन को सुरक्षित करना है जहां मुनाफा कम होता है।\n\n### ट्रांसपोर्ट ट्रांजेक्शन पर नियम\nट्रांसपोर्ट खर्च (MCC 4111, 4784, और 4131) के लिए अब हर उस ट्रांजेक्शन पर 1% फीस लगेगी जो ₹30,000 से ज्यादा का होगा। उदाहरण के लिए, अगर आप एक बार में ₹35,000 का भुगतान करते हैं, तो आपको ₹350 का सरचार्ज देना होगा।\n\n### फ्यूल पर सरचार्ज का गणित\nफ्यूल खर्च (MCC 5172, 5541, 5542, और 5983) के लिए नियम थोड़ा अलग है। यदि एक बिलिंग साइकिल में आपका कुल फ्यूल खर्च ₹50,000 से ऊपर जाता है, तो पूरे खर्च पर 1% की दर से शुल्क लगेगा। यदि आपका बिल ₹60,000 है, तो आपको ₹600 का भुगतान करना होगा।\n\n### निवेशकों के लिए क्यों है अहम?\nक्रेडिट कार्ड कंपनियां अक्सर फ्यूल और ट्रांसपोर्ट जैसे सेगमेंट को लो-मार्जिन बिजनेस मानती हैं, क्योंकि यहां मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) काफी कम होता है। इस कदम से कंपनी अपनी प्रॉफिटेबिलिटी को बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, मार्केट जानकारों का मानना है कि इससे ग्राहकों में नाराजगी बढ़ सकती है और लोग दूसरे कार्ड्स की ओर शिफ्ट हो सकते हैं। आने वाली तिमाही नतीजों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बदलाव का असर कंपनी की फीस इनकम पर कितना पड़ता है।
