SBI Cards and Payment Services ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Q1 FY27 में **₹664 करोड़** का नेट प्रॉफिट कमाया है। बेहतर एसेट क्वालिटी के चलते कंपनी ने **20%** की ग्रोथ दिखाई है, हालांकि MSCI India Index से हटने की खबर निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
मुनाफे में चमक, क्रेडिट कॉस्ट में गिरावट
SBI Card ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में अपनी एसेट क्वालिटी में जबरदस्त सुधार दर्ज किया है। कंपनी की क्रेडिट कॉस्ट में पिछले साल के मुकाबले 301 बेसिस पॉइंट्स की कमी आई है। इसका सीधा असर कंपनी के ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) पर दिखा है, जो पिछले साल के 3.07% से घटकर 2.04% पर आ गए हैं।
मार्जिन और फंडिंग कॉस्ट की चुनौती
मुनाफा बढ़ने के बावजूद कंपनी के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर दबाव बना हुआ है। NIM गिरकर 10.8% पर आ गए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 41 बेसिस पॉइंट्स कम है। इसका मुख्य कारण बढ़ती फंडिंग कॉस्ट है। इससे निपटने के लिए कंपनी अब हाई-वैल्यू कस्टमर्स और EMI प्लान्स पर ज्यादा जोर दे रही है।
फेस्टिव सीजन की तैयारी और रिस्पॉन्स
फेस्टिव सीजन के चलते कंपनी ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। जुलाई 2026 में ही कंपनी ने 1.83 लाख नए कस्टमर्स जोड़े हैं। इस दौरान कुल स्पेंडिंग ₹1,18,475 करोड़ रही, जिसमें 27% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई है।
निवेशकों के लिए बड़ी अपडेट
फिलहाल बाजार की नजरें 28 अगस्त 2026 पर टिकी हैं, जब SBI Card को MSCI India Index से बाहर कर दिया जाएगा। इंडेक्स से बाहर होने के बाद पैसिव फंड्स की बिकवाली का दबाव स्टॉक पर दिख सकता है। 26 अगस्त 2026 को कंपनी का शेयर ₹666.10 पर बंद हुआ था। आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या कंपनी बढ़ती ब्याज दरों के माहौल में अपने मार्जिन को सुरक्षित रख पाती है।
