मुनाफे में आई 45% की भारी उछाल, रेवेन्यू भी चमका
SBI Card ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी के रेवेन्यू में पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 11% की ग्रोथ दर्ज की गई है, जो अब ₹5,127 करोड़ हो गया है। लेकिन सबसे खास बात है कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT), जो 45% की तूफानी रफ्तार से बढ़कर ₹557 करोड़ रहा। इस बंपर मुनाफे की वजह खर्चे कम होना और फंड की लागत में सुधार है।
ग्राहकों के खर्चों ने भरी उड़ान, कार्ड बेस बढ़ा
तिमाही के दौरान ग्राहकों ने जमकर खरीदारी की, जिससे कुल खर्चों (Total Spends) में 33% की जोरदार उछाल आई और यह ₹1,14,702 करोड़ तक पहुंच गया। कंपनी के पास अब 2.18 करोड़ से ज़्यादा एक्टिव कार्ड्स हैं, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 8% ज़्यादा हैं। मैनेजमेंट हर तिमाही 9 से 10 लाख नए कस्टमर जोड़ने का लक्ष्य लेकर चल रहा है, जिसमें क्वालिटी पर खास ध्यान दिया जा रहा है।
एसेट क्वालिटी पर पैनी नज़र, ROE-ROA में सुधार
कंपनी की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) यानी कर्ज़ वसूली की स्थिति स्थिर बनी हुई है, ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) 2.86% पर ही हैं। रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) में 322 बेसिस पॉइंट का बड़ा सुधार आया है और यह 14.7% हो गया है। वहीं, रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) में 79 bps का इजाफा देखा गया और यह 3.2% पर पहुंच गया। इस तिमाही में ₹12 करोड़ का एक बार का खर्च (One-time expense) भी शामिल है।
EMI पोर्टफोलियो की रणनीति और मार्जिन पर दबाव का खतरा
SBI Card अब 'कैलिब्रेटेड, सस्टेनेबल और प्रॉफिटेबल ग्रोथ' की रणनीति पर काम कर रही है। हालांकि, कंपनी की एक नई रणनीति पर निवेशकों को नज़र रखनी होगी। कंपनी अब EMI पोर्टफोलियो को बढ़ाने पर जोर दे रही है। माना जा रहा है कि इससे कंपनी की यील्ड (Yields) में नरमी आ सकती है और FY27 की दूसरी छमाही तक मार्जिन थोड़ा सिकुड़ सकता है। इसके अलावा, FY27 में कंपनी के एसेट ग्रोथ (Asset Growth) में खर्च की रफ़्तार से पिछड़ने की आशंका है, जिसके चलते कंपनी ने अभी एसेट ग्रोथ को लेकर कोई खास गाइडेंस नहीं दिया है। फेस्टिव सीजन और ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ हुए पार्टनरशिप से बिज़नेस को बूस्ट मिलने की उम्मीद है, लेकिन EMI पोर्टफोलियो का असर भविष्य के मुनाफे पर कैसा रहता है, यह देखना अहम होगा।
